यूपी के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया ‘सरकारी नौकरी से बड़े पद’ का ऑफर

बरेली/प्रयागराज, 27 जनवरी उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात पीसीएसअधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने पद से इस्तीफा देकर पूरे प्रशासनिक महकमे को चौंका दिया है। अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार पर ‘ब्राह्मण विरोधी’ होने का आरोप लगाते हुए प्रयागराज माघ मेले में संतों के साथ हुए कथित अन्याय और यूजीसी के नए नियमों को अपने इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय आदेश जारी कर दिए हैं।
अलंकार अग्निहोत्री के इस साहसी कदम की सराहना करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्हें फोन कर अपना समर्थन दिया है। शंकराचार्य ने कहा कि यद्यपि एक मेधावी अधिकारी के पद त्यागने का उन्हें दुख है, किंतु सनातन धर्म की रक्षा के लिए दिखाए गए इस स्वाभिमान पर पूरे सनातनी समाज को गर्व है। उन्होंने फोन पर ही अग्निहोत्री को एक बड़ा प्रस्ताव देते हुए कहा कि वह उन्हें सरकारी नौकरी से भी बड़ा और सम्मानजनक धार्मिक पद देने को तैयार हैं। शंकराचार्य ने उन्हें धर्म की सेवा के लिए आमंत्रित किया है, जिसे लेकर पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट ने जल्द मुलाकात करने की सहमति जताई है।
अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा अब केवल प्रशासनिक मामला न रहकर ‘ब्राह्मण अस्मिता’ की लड़ाई का केंद्र बन गया है। जहां सोशल मीडिया पर एक वर्ग उन्हें नायक की तरह देख रहा है, वहीं शासन इसे अनुशासनहीनता मानकर उनके विरुद्ध जांच कर रहा है। एसआईटी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इस इस्तीफे के पीछे कोई बड़ी राजनीतिक साजिश है या यह वास्तव में वैचारिक विद्रोह है। इस घटना ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, जिसके परिणाम आने वाले समय में काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।143.
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal