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कौन हैं मोहम्मद ज़मरी जो कि हिंदु थे फिर इस्लाम को अपनाकर हिंदु विरोधी हो गए

कौन हैं मोहम्मद ज़मरी जो कि हिंदु थे फिर इस्लाम को अपनाकर हिंदु विरोधी हो गए

आजकल मलेशिया में धर्म और जाति को लेकर काफी खींचतान चल रही है। इसमें सबसे बड़ा नाम सामने आ रहा है मोहम्मद ज़मरी विनोथ का। ज़मरी पहले हिंदू थे, लेकिन इस्लाम अपनाने के बाद वे एक प्रचारक बन गए हैं जो अक्सर हिंदुओं के खिलाफ बयान देते हैं। खासकर जब से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे की बात चली है, ज़मरी के सुर और भी मुखर हुए हैं।
ज़मरी आजकल मलेशिया के धार्मिक मामलों में काफी चर्चा (और विवाद) में रहते हैं। बताया जाता है कि उन पर विवादित प्रचारक जाकिर नाइक की विचारधारा का गहरा असर है। ज़मरी सोशल मीडिया और अपनी स्पीच के द्वारा कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे वहां के समाज के लिए एक चिंताजनक संकेत माना जा रहा है।
बात दें कि जमरी का काम करने का तरीका काफी आक्रामक है। वे भड़काऊ भाषण देते हैं, सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हैं और कई बार हिंदू मंदिरों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी करते हैं। उनकी बातों से ऐसा लगता है जैसे वे हिंदुओं को एक दुश्मन की तरह पेश कर रहे हैं। मलेशिया, जो अपनी विविधता और मिली-जुली संस्कृति के लिए जाना जाता है, वहां ऐसी बातें भाईचारे को नुकसान पहुँचा रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया दौरे को ज़मरी और उनके समर्थक मौके की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। वे इस दौरे को मलेशिया की इस्लामिक पहचान के लिए खतरा बता रहे हैं। ज़मरी का कहना है कि मोदी सरकार हिंदू राष्ट्रवाद को बढ़ावा देती है, जिससे मलेशिया के मुस्लिमों के अधिकारों पर असर पड़ेगा। इस तरह उन्होंने एक कूटनीतिक दौरे को पूरी तरह से धार्मिक और राजनीतिक रंग दे दिया है।
ये सब बातें मलेशिया के लिए खतरे की घंटी हैं। वहां रहने वाले अल्पसंख्यक अब खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। अगर सरकार ने ज़मरी जैसे लोगों की नफरत भरी बातों पर लगाम नहीं लगाई, तब समाज में दरार और बढ़ सकती है और हिंसा की नौबत भी आ सकती है। मलेशिया हमेशा से अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों का मेल रहा है, लेकिन ज़मरी विनोथ जैसे लोग इस पहचान के लिए चुनौती बन गए हैं।

सियासी मियार की रीपोर्ट