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अंतरिक्ष में छिपे हैं 15,000 ‘सिटी-किलर’ एस्टेरॉयड, नासा ने जारी की गंभीर चेतावनी, पृथ्वी से टकराने

अंतरिक्ष में छिपे हैं 15,000 ‘सिटी-किलर’ एस्टेरॉयड, नासा ने जारी की गंभीर चेतावनी, पृथ्वी से टकराने

वॉशिंगटन, 18 फरवरी । अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने पृथ्वी की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत डरावनी चेतावनी जारी की है। नासा के ग्रह रक्षा विभाग के अनुसार, अंतरिक्ष में लगभग 15,000 ऐसे मध्यम आकार के एस्टेरॉयड (NEOs) छिपे हैं, जिनका सटीक स्थान और रास्ता फिलहाल वैज्ञानिकों को ज्ञात नहीं है। इन एस्टेरॉयड को ‘सिटी-किलर’ कहा जा रहा है क्योंकि इनकी चौड़ाई कम से कम 140 मीटर है। यदि इनमें से कोई भी पिंड किसी घनी आबादी वाले क्षेत्र से टकराता है, तो वह पलक झपकते ही पूरे शहर को मलबे के ढेर में बदल सकता है।

वैज्ञानिकों की चिंता तब और बढ़ गई जब ‘YR4’ नामक एक विशाल एस्टेरॉयड पिछले क्रिसमस पर पृथ्वी के बेहद करीब से गुजर गया और हमारी अत्याधुनिक प्रणालियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की डॉ. नैन्सी चाबोट ने आगाह किया है कि वर्तमान में दुनिया के पास ऐसी कोई सक्रिय सुरक्षा प्रणाली या तैयार अंतरिक्ष यान नहीं है, जिसे किसी अचानक आए खतरे को रोकने के लिए तुरंत लॉन्च किया जा सके। फिलहाल नासा केवल 40 प्रतिशत खतरनाक पिंडों की ही पहचान कर पाया है, जबकि शेष 60 प्रतिशत अब भी अंतरिक्ष की गहराई में छिपे हुए हैं।

इस वैश्विक संकट से निपटने के लिए नासा अब ‘नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट सर्वेयर’ (NEO Surveyor) नामक एक नया स्पेस टेलिस्कोप अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य उन अज्ञात और रहस्यमयी एस्टेरॉयड को खोजना है जो मानवता के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीकी निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए ही इन विनाशकारी पिंडों को समय रहते पहचाना और नष्ट किया जा सकता है। आने वाले दशक में अंतरिक्ष सुरक्षा नीतियों को मजबूत करना अब मानवता के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हो गया है।

सियासी मियार की रीपोर्ट