कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती शोभायात्रा के दौरान तनाव की स्थिति, निषेधाज्ञा लागू
मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी की जयंती पर निकाली गई एक शोभायात्रा पर कथित तौर पर पथराव किये जाने के बाद कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। यह जानकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को दी।
पुलिस ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार को पुराने शहर में उस समय घटी जब अपराह्न करीब 3:30 बजे शुरू हुई शोभायात्रा मस्जिद क्षेत्र से गुजर रही थी।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि शोभायात्रा के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा, “हम सभी मौके पर मौजूद थे। शोभायात्रा कल अपराह्न करीब 3:30 बजे शुरू हुई थी। जैसे ही शोभायात्रा मस्जिद के पास पहुंची, दूर से हमारी ओर दो पत्थर फेंके गए।’’
एसपी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी और पुलिस द्वारा अब तक देखे गए वीडियो के आधार पर, एक पत्थर एक पुलिस कांस्टेबल को लगा जबकि दूसरा उनके कंधे पर गिरा।
गोयल ने कहा, “किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। इसके बाद शोभायात्रा सुचारू रूप से आगे बढ़ती रही और माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।’’
पुलिस ने बताया कि शोभायात्रा को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी और स्थिति नियंत्रण में रही।
गोयल ने कहा, “घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। हमने शोभायात्रा की रिकॉर्डिंग भी की है। हम वीडियो फुटेज खंगाल रहे हैं। इसमें लिप्त पाये गए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
इस बीच, भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत बागलकोट के कुछ हिस्सों में 19 फरवरी की मध्यरात्रि से 24 फरवरी की मध्यरात्रि तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि साथ ही खतरनाक हथियार ले जाने, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में लिप्त होने और बिना पूर्व अनुमति के सभा, समारोह या धरने आयोजित करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपाय किए गए हैं।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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