आसमान का नया सुल्तान: तुर्की के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट कान ने दुनिया को चौंकाया

अंकारा, 22 फरवरी । रक्षा तकनीक और लड़ाकू विमानों की दुनिया में तुर्की ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के सुपरसोनिक स्टील्थ फाइटर जेट कान को वैश्विक मंच पर पेश कर दिया है। इसे केवल एक विमान नहीं, बल्कि तुर्की की सैन्य आत्मनिर्भरता के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका के एफ-35 जैसे अदृश्य (स्टील्थ) गुणों और फ्रांस के राफेल से भी अधिक तेज रफ्तार के साथ कान ने दुनिया की महाशक्तियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
इस जेट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सुपरक्रूज क्षमता है, जो इसे दुश्मन के रडार की नजरों से बचकर ध्वनि की गति से भी तेज उड़ान भरने में सक्षम बनाती है। इसके आने से न केवल तुर्की की सामरिक शक्ति बढ़ी है, बल्कि पड़ोसी देशों और वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों के बीच नई रणनीतिक चिंताएं भी पैदा हो गई हैं।
तुर्की का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, जिसे टीएफ-एक्स के नाम से भी जाना जाता है, अब अपने परीक्षण के सबसे उन्नत चरणों में पहुंच चुका है। फरवरी 2026 तक इसके दूसरे प्रोटोटाइप ने भी सफल उड़ान भरकर यह साबित कर दिया है कि तुर्की अब अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की श्रेणी में मजबूती से खड़ा है। इस परियोजना के माध्यम से तुर्की अपनी सैन्य जरूरतों के लिए अमेरिकी तकनीक पर निर्भरता को कम कर एक स्वतंत्र वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है। कान की डिजाइनिंग में रडार एब्जॉर्बेंट मटेरियल (आरएएम) कोटिंग का इस्तेमाल किया गया है, जो रडार सिग्नलों को सोख लेती है और विमान को दुश्मन की पहुंच से बाहर रखती है।
हथियारों के मामले में कान बेहद घातक है। यह पूरी तरह से तुर्की में विकसित गोकडोगन और बोजडोगन मिसाइलों से लैस है, जो इसे हवा से हवा में छोटी और लंबी दूरी तक सटीक मारक क्षमता प्रदान करती हैं। इसकी सबसे खास बात इसकी इंटरनल वेपन बे है, जिसमें मिसाइलें विमान के ढांचे के अंदर छिपी रहती हैं, जिससे रडार पर इसकी आकृति नगण्य हो जाती है। इसके अलावा, एसओएम-जे जैसी स्टैंड-ऑफ क्रूज मिसाइलें इसे सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों को बिना करीब गए तबाह करने की शक्ति देती हैं। एसेल्सन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक एईएसए रडार इसे एक साथ दर्जनों लक्ष्यों को ट्रैक करने की क्षमता देता है, जबकि इसमें शामिल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पायलट के काम के बोझ को कम कर युद्ध के दौरान त्वरित निर्णय लेने में मदद करती है।
प्रदर्शन के आंकड़ों पर गौर करें तो कान लगभग 2200 किलोमीटर प्रति घंटे (मार्क 1.8) की अधिकतम रफ्तार पकड़ सकता है और 55,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। वर्तमान में इसमें अमेरिकी इंजन का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन तुर्की जल्द ही स्वदेशी इंजन विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। लगभग 100 मिलियन डॉलर की अनुमानित लागत वाला यह विमान उन देशों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया है, जिन्हें पश्चिमी देश अपनी अत्याधुनिक तकनीक देने से कतराते हैं। पाकिस्तान, अजरबैजान और सऊदी अरब जैसे देशों के लिए कान एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। आने वाले वर्षों में यह विमान निश्चित रूप से वैश्विक सैन्य समीकरणों को एक नया मोड़ देगा और रक्षा बाजार में नई प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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