‘बिगड़ैल प्रिंस’ की गिरफ्तारी स्टार्मर की डूबती नैया के लिए बनी लाइफ जैकेट -एंड्रयू की गिरफ्तारी नहीं, लंदन की सत्ता बचाने खेला गया मास्टर स्ट्रोक…

ब्रिटेन के राजघराने और सत्ता के गलियारों में मचा कोहराम अब उस मोड़ पर पहुंच गया है। प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी को भले ही कानून की जीत बताया जा रहा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी राजनैतिक बिसात कुछ और ही बयां कर रही है। जब पीएम कीर स्टार्मर के ‘चाणक्य’ पीटर मेंडेलसन का नाम कुख्यात जेफ्री एपस्टीन के साथ जुड़ा तो अचानक ‘बिगड़ैल प्रिंस’ की गिरफ्तारी ने स्टार्मर की डूबती नैया के लिए लाइफ जैकेट का काम किया है। यह महज एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लंदन की सत्ता बचाने के लिए खेला गया एक मास्टर स्ट्रोक है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीटर मेंडेलसन, जिन्हें ब्रिटिश राजनीति में ‘प्रिंस ऑफ डार्कनेस’ कहा जाता है। वह कीर स्टार्मर के सबसे भरोसेमंद सलाहकार थे लेकिन आज देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बताए जा रहे हैं। मेंडेलसन पर आरोप है कि जब वह सरकार में ‘बिजनेस सेक्रेटरी’ के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने अपनी वफादारी अपराधी जेफ्री एपस्टीन को बेच दी थी। मेंडेलसन पर आरोप है कि उन्होंने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था, टैक्स पॉलिसी और मार्केट-सेंसिटिव डेटा से जुड़ी बेहद गोपनीय फाइलें एपस्टीन को दी थीं।
एपस्टीन फाइल्स से पता चला है कि 2008 में जब जेफ्री एपस्टीन को कानून ने यौन अपराधी घोषित किया था, उसके बाद भी मेंडेलसन उसके प्राइवेट जेट में सफर कर रहे थे। यही नहीं इस बात के भी सबूत मिले हैं कि मेंडेलसन, सच्चाई बाहर आने के बाद भी एपस्टीन के साथ प्राइवेट डील्स सेट कर रहे थे। प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी की टाइमिंग पर अब सवाल उठ रहे हैं। जब लंदन की सड़कों पर स्टार्मर के खिलाफ ‘गद्दार’ के नारे लग रहे थे और उनके चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैक्सविनी को मेंडेलसन की वजह से इस्तीफा देना पड़ा, ठीक उसी वक्त प्रिंस एंड्रयू को उनके घर से उठाया गया।
एंड्रयू पर आरोप है कि उनके जरिए चीनी जासूस यांग ने ब्रिटिश सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच बनाई। यह राष्ट्रीय सुरक्षा में इतनी बड़ी सेंध थी कि कीर स्टार्मर की कुर्सी पर बन आई थी। एंड्रयू ने ट्रेड एनवॉय रहते हुए जो डेटा लीक किया, उसे अगर कोई दुश्मन देश हासिल कर लेता, तो ब्रिटेन को घुटनों पर लाया सकता था। स्टार्मर ने एंड्रयू की गिरफ्तारी करवाकर जनता का ध्यान मेंडेलसन के कांड से हटाकर शाही परिवार की ओर मोड़ दिया है। बता दें फरवरी 2026 में जारी हुई लाखों पन्नों की ‘एपस्टीन फाइल्स’ ने वो राज खोले हैं जिन्हें सालों से महल की दीवारों के पीछे दबाकर रखा गया था।
इन फाइलों ने साबित कर दिया कि मेंडेलसन और एंड्रयू, दोनों ही एपस्टीन के उस जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थे जो दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों को ब्लैकमेल करता था। खुद को पाक-साफ दिखाने के लिए स्टार्मर अब संसद में कह रहे हैं कि ‘मुझसे झूठ बोला गया। उन्होंने मेंडेलसन से उनकी शाही पदवी छीनने के आदेश दे दिए हैं ताकि वे खुद को इस गद्दारी से अलग दिखा सकें।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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