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ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त रूख अपनाया

ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त रूख अपनाया

वाशिंगटन, 25 फरवरी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर बेहद सख्त चेतावनी दी है। श्री ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगी। कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दशकों से अमेरिका की यह नीति रही है कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोका जाए और वे इस पर अडिग हैं।

उन्होंने ईरान पर ‘आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह देश ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो सीधे अमेरिका को निशाना बना सकती हैं। उन्होंने पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में फिर से ऐसी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। श्री ट्रम्प ने हालांकि इस विवाद को कूटनीति से सुलझाने की इच्छा जताई, लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी कि ईरान को स्पष्ट रूप से परमाणु हथियार कभी न बनाने की प्रतिबद्धता जतानी होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है।

घरेलू मोर्चे पर श्री ट्रम्प ने अपना ध्यान अर्थव्यवस्था पर केंद्रित रखा। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में देश में नौकरियों और विनिर्माण क्षेत्र में ऐतिहासिक उछाल आया है। उन्होंने कहा, “हम जीत रहे हैं और हमने दुनिया में एक नयी व्यवस्था स्थापित की है।” राष्ट्रपति का यह संबोधन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आने वाले नौ महीनों में अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं और हालिया सर्वेक्षणों में महंगाई और आर्थिक मुद्दों पर उनके समर्थन में गिरावट देखी गई है।

श्री ट्रम्प का यह भाषण देश के सुप्रीम कोर्ट के उनके वैश्विक शुल्कों को रद्द किए जाने और ‘फेडरल रिजर्व’ पर उनके अधिकारों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई के बीच आया है। दूसरी ओर, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने जीवन यापन की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर ट्रम्प सरकार पर तीखे हमले जारी रखे हैं। जबकि सत्तारूढ़ दल रिपब्लिकन के सांसदों ने राष्ट्रपति के भाषण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने आम जनता की जरूरतों और देश की सुरक्षा के बीच सही संतुलन बनाया है।

सियासी मियार की रीपोर्ट