मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते अडानी गैस ने कीमतों में किया तीन गुना इजाफा, 40 रुपये वाला भाव सीधे 119 पर पहुँचा, उद्योग जगत में हड़कंप

नई दिल्ली, 07 मार्च । अडानी समूह और फ्रांस की टोटल एनर्जी के संयुक्त उद्यम ‘अडानी टोटल गैस लिमिटेड’ (ATGL) ने अपने औद्योगिक उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए गैस की कीमतों में रातों-रात तीन गुना वृद्धि कर दी है। औद्योगिक गैस के दाम ₹40 प्रति मानक घन मीटर (SCM) से बढ़कर अब ₹119 पर पहुँच गए हैं। कंपनी ने इस भारी बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की भारी किल्लत और वैकल्पिक स्रोतों से अत्यधिक महंगी खरीद को मुख्य कारण बताया है। इस फैसले से विनिर्माण क्षेत्र की लागत में भारी उछाल आने की आशंका है।
गैस की कीमतों में इस आग का सबसे बड़ा कारण पश्चिमी एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य’ मार्ग पर तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही ठप हो गई है। कतर, जो भारत को एलएनजी आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश है, वहां से सप्लाई पूरी तरह बाधित है। ड्रोन और मिसाइल हमलों के डर से कई प्लांट बंद हो गए हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% एलएनजी आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है, जो फिलहाल युद्ध के कारण बंद है।
सप्लाई चेन टूटने से भारत की बड़ी गैस कंपनियां जैसे गेल और पेट्रोनेट एलएनजी ने भी आपूर्ति में कटौती की चेतावनी दी है। गैस की कमी और बढ़ी हुई कीमतों के कारण कई फैक्ट्रियां अब फर्नेस ऑयल या नेफ्था जैसे महंगे विकल्पों का उपयोग करने को मजबूर हैं। कच्चे तेल की कीमतें भी $84 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं, जिससे महंगाई का खतरा और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में ऊर्जा संकट गहरा सकता है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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