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सुभाष घई ने युवाओं को दी सीख, बोले-एआई को दुश्मन नहीं, सहायक टूल समझें

सुभाष घई ने युवाओं को दी सीख, बोले-एआई को दुश्मन नहीं, सहायक टूल समझें

हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक सुभाष घई अक्सर सोशल मीडिया पर अपने विचार रखते रहते हैं। उनकी फिल्में गहरी सोच और समाज को आईना दिखाने के लिए मशहूर हैं। बुधवार को उन्होंने अपनी फिल्मों को लेकर विचार व्यक्त किए।

सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर एक खास पोस्ट किया। इसमें उनकी हिट फिल्मों के टाइटल राम-लखन, सौदागर, खलनायक, नायक, परदेस और ताल समेत कई नाम शामिल हैं। सुभाष ने अपनी इस पोस्ट के जरिए युवाओं को नई ऊर्जा देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि काम शानदार करो कि वह फिल्म इंडस्ट्री के लिए ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हो। वे कहते हैं कि काम इतना शानदार हो कि वह खुद बोलता रहे, व्यक्ति की जरूरत न पड़े।

सुभाष ने लिखा, “आने वाले समय में किसी भी व्यक्ति की असली पहचान उसकी बातों से नहीं बल्कि काम से होगी। काम के जरिए ही उसके विचार और सोच का पता चलेगा।” उन्होंने लिखा, “दर्शक लंबे समय तक फिल्म को याद रखते हैं। फिल्म बनाने वाले निर्देशक या क्रिएटर को नहीं, बल्कि फिल्मकार को हमेशा बेहतर करने की कोशिश जारी रखनी चाहिए।”

उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए युवा को सलाह दी कि जब तक समय है, सीखते रहो, आगे बढ़ते रहो। नई चीजें सीखने से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने लिखा, “एआई को अपनी ‘तीसरी आंख’ की तरह इस्तेमाल करो। यह नई सोच, नई दिशा और नए आइडिया दिखा सकती है। एआई को दुश्मन नहीं, बल्कि सहायक टूल की तरह देखना चाहिए जो क्रिएटिविटी को और मजबूत बनाए।”

सुभाष ने अपने करियर में कई शानदार फिल्में दीं, जिन्हें दर्शक आज भी पसंद करते हैं। काफी समय से सुभाष की फिल्में बड़े पर्दे पर नहीं आई हैं, हालांकि इस समय वे अपने संस्थान, व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल, पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अपने स्कूल के माध्यम से उन्होंने कई प्रतिभाओं को निखारा है।

सियासी मियार की रीपोर्ट