कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विधायकों के सवालों के जवाब में देरी पर मंत्रियों को फटकार लगायी

बेंगलुरु, 18 मार्च। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विधायकों के सवालों के जवाब देने में हुई देरी को लेकर मंत्रिमंडल के सहयोगियों को फटकार लगायी है और चेतावनी दी कि इस चूक से सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है और सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है।
सोमवार को सभी मंत्रियों को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि कर्नाटक विधानसभा के 16वें सत्र के दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए कई सवालों का जवाब नहीं दिया गया है और विभागों तथा अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘16वीं कर्नाटक विधानसभा (2023-26) के पहले सत्र से लेकर नौवें सत्र तक विभागवार अनुत्तरित प्रश्नों की एक सूची तैयार की गई है। यह देखा गया है कि 16 मार्च, 2026 को हुए विधानसभा सत्र तक 245 प्रश्नों में से केवल 90 प्रश्नों के उत्तर ही दिए गए हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबित प्रश्नों का उत्तर न देने से विधायकों को सदन की कार्यवाही में प्रभावी ढंग से भाग लेने में बाधा आ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे न केवल सरकार को बेहद शर्मिंदगी उठानी पड़ी है बल्कि विधायकों के अधिकारों और सदन की गरिमा को भी ठेस पहुंची है।’’
यह पत्र विधानसभा में एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के एक दिन बाद आया है, जहां अध्यक्ष यू टी खादर ने सरकारी विभागों द्वारा दिए गए अपर्याप्त जवाबों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यवाही स्थगित कर दी और सदन से बाहर चले गए।
यह कदम विपक्ष के नेताओं के विरोध के बाद उठाया गया, जिन्होंने सरकार पर अध्यक्ष की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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