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हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में वेतन न मिलने पर बाउंसरों का भारी हंगामा, मुख्य गेट बंद कर खिलाड़ियों और स्टाफ को बनाया बंधक, खेल विभाग ने झाड़ा पल्ला

हल्द्वानी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में वेतन न मिलने पर बाउंसरों का भारी हंगामा, मुख्य गेट बंद कर खिलाड़ियों और स्टाफ को बनाया बंधक, खेल विभाग ने झाड़ा पल्ला

हल्द्वानी, 18 मार्च । हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में चल रहे ‘लीजेंड्स लीग क्रिकेट 4.0’ के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सुरक्षा में तैनात बाउंसरों ने अचानक काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वेतन न मिलने से नाराज बाउंसरों ने स्टेडियम के सभी मुख्य गेटों पर ताले जड़ दिए, जिससे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ और वीआईपी अधिकारी परिसर के भीतर ही फंस गए। खिलाड़ियों को ले जाने वाली बसें भी बाहर नहीं निकल सकीं, जिसके कारण काफी देर तक वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए टूर्नामेंट के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँचे। बाउंसरों का आरोप था कि उन्हें तय समय पर भुगतान नहीं किया गया है, जिसके विरोध में उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया। घंटों चली गहमागहमी और वार्ता के बाद आयोजकों ने जल्द से जल्द बकाया भुगतान करने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद बाउंसरों ने अपना धरना समाप्त किया और गेट खोले गए। इसके बाद ही खिलाड़ियों की बसों को सुरक्षित तरीके से होटल के लिए रवाना किया जा सका। इस घटना से खेल प्रेमियों और आयोजकों के बीच काफी किरकिरी हुई है।

इस पूरे विवाद पर खेल विभाग ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए खुद को जिम्मेदारी से अलग कर लिया है। खेल विभाग की उप निदेशक राशिका सिद्दीकी ने बयान जारी कर कहा कि विभाग की भूमिका केवल स्टेडियम उपलब्ध कराने तक सीमित है। उन्होंने इस पूरे हंगामे का ठीकरा आयोजन करने वाली निजी एजेंसी पर फोड़ते हुए कहा कि कर्मचारियों का वेतन और आंतरिक व्यवस्थाएं संभालना पूरी तरह एजेंसी की जिम्मेदारी थी। विभाग ने इसे आयोजकों की बड़ी लापरवाही करार दिया है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखने की बात कही है।

सियासी मियार की रीपोर्ट