Friday , March 27 2026

सर्वदलीय बैठक में दिखा एकजुटता का भाव : रिजिजू

सर्वदलीय बैठक में दिखा एकजुटता का भाव : रिजिजू

नई दिल्ली, 27 मार्च । पश्चिम एशिया संकट के कारण उपजे हालात को लेकर सरकार ने बुधवार को यहां सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमें शामिल हुए सभी दलों ने स्थिति से निपटने को लेकर एकजुटता दिखाई।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया और एकजुटता का भाव प्रदर्शित किया। बैठक का मक़सद सभी राजनीतिक दलों को स्थिति की जानकारी देना और एक साझा रणनीति पर चर्चा करना था। बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया के संकट पर विस्तार से जानकारी दी

उन्होंने कहा कि जिस तरह से पश्चिम एशिया में संकट बढ़ रहा है उसे देखते हुए सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधिगयों ने भाग लिया। केवल तृणमूल कांग्रेस ने भाग नहीं लिया। श्री रिजिजू ने कहा कि खुद उन्होंने दो बार अनुरोध किया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि वे कहीं और यात्रा पर जा रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से तारिक अहमद और मुकुल वासनिक, जेडीयू से ललन सिंह और संजय झा बैठक में शामिल हुए।

श्री रिजिजू ने कहा कि सरकार ने बैठक में भ्रम की स्थिति का सरकार ने स्पष्ट रूप से स्पष्टीकरण कर दिया। इसका परिणाम रहा कि बैठक के अंत में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसी कठिन और चुनौतीपूर्ण स्थिति में हम सभी को एकजुट रहना होगा।

बैठक में क्या माहौल था इस पर श्री रिजिजू ने कहा “मेरा मानना है कि सरकार द्वारा आज इस सर्वदलीय बैठक में दी गई विस्तृत जानकारी और प्रश्नों के उत्तर के बाद मेरा विश्वास है कि पूरा विपक्ष संकट के समय एकजुट होकर खड़ा रहेगा। एक तरह से, मैंने सभी विपक्षी दलों में एकजुटता की भावना भी देखी। मुझे लगता है कि विपक्षी दल ने बैठक के अंत में यह कहकर परिपक्वता दिखाई है कि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में वे सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के साथ खड़े रहेंगे। कई सदस्य होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से गैस और पेट्रोलियम आपूर्ति के विवरण जानना चाहते थे लेकिन विपक्षी सदस्य सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से संतुष्ट थे।”

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा था किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भारतीय संसद को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।

सियासी मियार की रीपोर्ट