ईरानी लोग ‘अपनी आज़ादी के लिए तकलीफ़ उठाने को तैयार हैं’ – ट्रंप

वाशिंगटन, 08 अप्रैल । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें कई ऐसे संदेश मिले हैं जो बताते हैं कि वहां की जनता अपनी ही सरकार के खिलाफ और ज्यादा हमलों की मांग कर रही है।
वह यहां संवाददाताओं के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि इन हमलों का आम ईरानी नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी पाने के लिए तकलीफ उठाने को तैयार होंगे। ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की अपनी योजना का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने हर फैसला बहुत सोच-समझकर लिया है। ईरान में शासन परिवर्तन के सवाल पर श्री ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वहां के लोगों को अपनी सरकार के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और इसके नतीजे “बहुत अच्छे” होंगे।
श्री ट्रंप ने अपनी उस पिछली धमकी की भी पुष्टि की जिसमें उन्होंने ईरान को ‘पाषाण युग में वापस भेजने’ की बात कही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के पास कोई पुल या पावर प्लांट नहीं बचेगा और वह पूरी तरह तबाह हो जाएगा।
अपनी सख्त समय-सीमा के बारे में बात करते हुए श्री ट्रंप ने बताया कि हालांकि 10 दिन की अवधि आज खत्म हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे कल तक के लिए बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे) की नई समय-सीमा खत्म होने के बाद कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
श्री ट्रंप ने शर्त रखी कि उन्हें ऐसा समझौता मंजूर होगा जिसमें तेल की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित हो।
होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद पर श्री ट्रंप ने एक नया और चौंकाने वाला विचार पेश किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान को वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति दी जा सकती है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, “जीत हमारी है, वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।” उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि जहाजों से टोल अमेरिका वसूले और उनके पास इसे लागू करने के लिए एक ठोस योजना है। राष्ट्रपति ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दोहराया कि अमेरिका इस जंग को जीत चुका है और अब शर्तें उनके हिसाब से तय होंगी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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