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जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने अडानी समूह के अधिग्रहण पर जताया पूर्ण भरोसा, कहा- गौतम अडानी के नेतृत्व में सुरक्षित रहेगी कंपनी की गौरवशाली विरासत

जेपी ग्रुप के संस्थापक जयप्रकाश गौड़ ने अडानी समूह के अधिग्रहण पर जताया पूर्ण भरोसा, कहा- गौतम अडानी के नेतृत्व में सुरक्षित रहेगी कंपनी की गौरवशाली विरासत

नई दिल्ली, जेपी ग्रुप के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन जयप्रकाश गौड़ ने कर्ज के संकट से जूझ रही कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अडानी ग्रुप द्वारा अधिग्रहण किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि ऋणदाताओं की समिति (CoC) द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरी तरह पारदर्शी है और वह इसका सम्मान करते हैं। गौड़ ने विश्वास जताया कि गौतम अडानी के कुशल नेतृत्व में जेपी एसोसिएट्स की विरासत को नई ऊर्जा और उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे कंपनी से जुड़े सभी हितधारकों और निवेशकों की आकांक्षाएं पूरी होंगी।

जयप्रकाश गौड़ ने पूरी दिवाला समाधान प्रक्रिया (Insolvency Process) के संचालन की सराहना करते हुए ऋणदाताओं की समिति और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 1979 से शुरू हुआ यह सफर उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, जिसने देश को बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट और विशाल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स जैसी राष्ट्रीय संपत्तियां दी हैं। गौरतलब है कि अडानी एंटरप्राइजेज ने लगभग ₹14,535 करोड़ की बोली के साथ इस रेस में सफलता हासिल की है। गौड़ ने इस प्रक्रिया में शामिल रहे अन्य प्रतिस्पर्धियों, विशेषकर वेदांता ग्रुप के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

यह महत्वपूर्ण बयान ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अडानी के रेजोल्यूशन प्लान पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि वेदांता ग्रुप ने ₹17,000 करोड़ की बड़ी बोली का दावा करते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन लेनदारों ने अडानी के प्रस्ताव को अधिक विश्वसनीय माना। वर्तमान में यह मामला NCLAT के पास अंतिम सुनवाई के लिए है, लेकिन जयप्रकाश गौड़ के समर्थन ने अडानी समूह के पक्ष को और अधिक मजबूती प्रदान की है। इस अधिग्रहण से जेपी ग्रुप की अधूरी पड़ी परियोजनाओं और कर्जदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सियासी मियार की रीपोर्ट