भारतीय रेलवे को जल्द मिलेंगी 120 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें
-एक साल के भीतर तैयार होगा अत्याधुनिक प्रोटोटाइप, सफर बनेगा बेहद आरामदायक

नई दिल्ली, 14 अप्रैल । भारतीय रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी ‘वंदे भारत स्लीपर ट्रेन’ परियोजना को लेकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के स्थापना दिवस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेन का पहला प्रारूप यानी प्रोटोटाइप अगले एक वर्ष के भीतर परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा। इस परियोजना के तहत कुल 120 ट्रेनों की खेप तैयार की जानी है, जो लंबी दूरी की यात्रा को सेमी-हाई-स्पीड और बेहतर सुविधाओं के साथ सुलभ बनाएगी। रेलवे बोर्ड के अनुसार, यह प्रोजेक्ट देश के रेल ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
हालांकि निर्माण कार्य तेज गति से जारी है, लेकिन इसके लॉन्च की निश्चित तारीख को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। RVNL के प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने इसके जून 2026 तक तैयार होने के संकेत दिए हैं, जबकि कुछ तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि जटिल डिजाइन और कड़े सुरक्षा मानकों के कारण अंतिम परीक्षण में थोड़ा अधिक समय लग सकता है। गौरतलब है कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को इसी वर्ष 17 जनवरी को कामाख्या और हावड़ा के बीच शुरू किया जा चुका है। अब रेलवे का पूरा ध्यान शेष ट्रेनों के प्रोटोटाइप को जल्द से जल्द ट्रैक पर उतारने पर है।
इन नई स्लीपर ट्रेनों को विशेष रूप से रात के सफर और लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। इनमें बेहतर एर्गोनॉमिक्स, आधुनिक इंटीरियर और उन्नत सुरक्षा फीचर्स शामिल होंगे, जो वर्तमान राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से भी बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे। फिलहाल रेल मंत्रालय ने भविष्य के अन्य रूट्स को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन चर्चा है कि प्रमुख मेट्रो शहरों को जोड़ने वाले व्यस्त मार्गों पर इन ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस परियोजना से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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