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हिजबुल्लाह के खिलाफ नेतन्याहू की चेतावनी, 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन अब भी चुनौती

हिजबुल्लाह के खिलाफ नेतन्याहू की चेतावनी, 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन अब भी चुनौती

तेल अवीव, 29 अप्रैल नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन को बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि सैन्य व तकनीकी प्रयासों से यह गंभीर समस्या जल्द ही पूरी तरह से सुलझ जाएगी।

इज़राइल को हिज़्बुल्लाह से खतरे के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आईडीएफ के कमांडरों से बात की है। लेबनान सीमा पर सुरक्षा की स्थिति और चल रहे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों पर बहुत ही गंभीर चर्चा हुई है। उन्होंने हिजबुल्लाह से जुड़े खतरों से निपटने के लिए सेना की तेज और साहसिक कार्रवाई की काफी तारीफ की। इजरायल की सुरक्षा को पहले से अधिक मजबूत करने के लिए सेना द्वारा कई नए और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि लेबनान में इजरायली सेना ने अपने साहस से बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। देश के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुके खतरनाक रॉकेट सिस्टम को अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। उत्तरी इजरायल में दुश्मनों की घुसपैठ और एंटी-टैंक मिसाइल हमलों को रोकने के लिए एक सुरक्षित क्षेत्र बनाया गया है। यह नया सुरक्षा क्षेत्र इजरायल को लेबनान में अपनी शर्तों पर हालात बदलने की पूरी रणनीतिक क्षमता प्रदान कर रहा है।

लगातार चल रही है कार्रवाई
प्रधानमंत्री ने कहा कि इजरायल अभी भी अपनी सैन्य कार्रवाई लगातार कर रहा है और यह आगे भी जारी रहेगी। उनके पास उभरते हुए नए खतरों को तुरंत रोकने की पूरी आजादी और अचूक सैन्य क्षमता हर समय मौजूद है। यह सब कुछ अमेरिका और लेबनानी सरकार के साथ हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के पूरी तरह अनुरूप किया जा रहा है।

बचे हुए दो बड़े खतरे
नेतन्याहू को यह बात बहुत अच्छी तरह से पता है कि अभी यह सैन्य अभियान और काम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। लेबनान में हिजबुल्लाह की ओर से अभी भी 122 मिमी रॉकेटों का भारी और जानलेवा खतरा बाकी बचा हुआ है। इसके अलावा आसमान से ड्रोन और यूएवी का खतरा भी देश के नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ी सुरक्षा चुनौती बना हुआ है।

तकनीकी और सैन्य उपाय
इन गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए सेना को सैन्य और तकनीकी दोनों मोर्चों पर लगातार कोशिशें करनी होंगी। इजरायल के रक्षा मंत्री और सेना के चीफ ऑफ स्टाफ इस नाजुक स्थिति को बहुत ही अच्छी तरह से समझते और जानते हैं। इजरायल इन सभी आधुनिक समस्याओं को जड़ से हल करने के लिए एक बहुत बड़ा और उन्नत तकनीकी प्रयास कर रहा है।

हथियारों में आई भारी कमी
अगर ये सभी तकनीकी प्रयास सफल होते हैं, तो हिजबुल्लाह आने वाले समय में पूरी तरह से निरस्त्र हो जाएगा। अब उनके पास युद्ध की शुरुआत के मुकाबले में सिर्फ लगभग 10 प्रतिशत मिसाइलें ही इस्तेमाल के लिए बची हुई हैं। फिर भी ये बची हुई मिसाइलें उत्तरी इलाके के आम लोगों के लिए बहुत बड़ी परेशानी और डर का मुख्य कारण बनी हुई हैं।

कूटनीतिक समाधान की उम्मीद सामना
प्रधानमंत्री ने इन सभी खतरों का कर रहे उत्तरी इजरायल के लोगों की हिम्मत की बहुत अधिक सराहना की है। उनका यह दृढ़ मानना है कि सैन्य और तकनीकी पहलू सफलतापूर्वक सुलझने पर कूटनीतिक पहलू भी अपने आप आसानी से सुलझ जाएगा। इजरायली सेना शांति स्थापित करने के लिए इस खास दिशा में बहुत ही तेजी और सतर्कता से अपना काम कर रही है।

सैनिकों के जज्बे को सलाम
नेतन्याहू ने आईडीएफ के वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान और उनके निस्वार्थ त्याग की काफी भावुक होकर प्रशंसा की है। इजरायल पूरे मिडिल ईस्ट का एकमात्र ऐसा देश है जहां शांतिप्रिय ईसाई समुदाय पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा के लिए इन सभी सैनिकों के महान योगदान को बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक बताया है।

मूर्ति विवाद पर मांगी माफी
लेबनान में ईसा मसीह की एक पवित्र मूर्ति तोड़ने के दुखद मामले में इजरायल ने आधिकारिक रूप से माफी मांगी है। देश के विदेश मंत्री गिडियन सार ने कहा कि इस गंदी और शर्मनाक हरकत पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आईडीएफ ने भी इस दुखद मामले में निष्पक्ष जांच के बाद कठोरतम कदम उठाने का पक्का वादा किया है।

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