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ईरानी तेल टैंकरों पर हमले के बाद तेहरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी: सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले की दी धमकी

ईरानी तेल टैंकरों पर हमले के बाद तेहरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी: सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले की दी धमकी

दुबई, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नौसेना ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनके तेल टैंकरों या वाणिज्यिक पोतों पर कोई भी हमला होता है, तो इसका जवाब क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों और दुश्मन के पोतों पर “भीषण हमलों” से दिया जाएगा। ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित इस संदेश ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। यह तनाव उस समय चरम पर पहुँचा जब अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने उन दो ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया जो अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस टकराव ने दोनों देशों के बीच जारी नाजुक युद्धविराम और परमाणु समझौते के ताजा प्रस्तावों पर काले बादल मंडरा दिए हैं।

इस बीच, बहरीन ने घोषणा की है कि उसने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से कथित संबंध रखने वाले 41 लोगों को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि बहरीन में ही अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा और क्षेत्रीय मुख्यालय स्थित है। ईरान ने बहरीन की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी दी है कि अमेरिका समर्थित प्रस्तावों का साथ देने के गंभीर परिणाम होंगे। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि बहरीन इस युद्ध की आड़ में अपने देश के भीतर उठने वाली असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और अधिक खतरे में पड़ गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा लगाए गए अवरोधों के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस संकट से निपटने के लिए ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने अपने युद्धपोत ‘एचएमएस ड्रैगन’ को क्षेत्र में तैनात करने का फैसला किया है ताकि वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं फ्रांस ने भी अपने विमानवाहक पोत ‘स्ट्राइक ग्रुप’ को लाल सागर की ओर रवाना कर दिया है। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य एक रणक्षेत्र में तब्दील होता दिख रहा है, जहाँ एक ओर अमेरिका और उसके सहयोगी सुरक्षा योजना बना रहे हैं, तो दूसरी ओर ईरान अपनी जीवन रेखा बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

सियासी मियार की रीपोर्ट