ट्रंप का सख्त रुख, ईरान का यूरेनियम कब्जे में लेगा अमेरिका, होर्मुज पर नो टोल

वॉशिंगटन, ईरान यूरेनियम विवाद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बहुत कड़ा रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस में बात करते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से रोकेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका अपने कब्जे में लेगा और जरूरत पड़ने पर नष्ट भी करेगा।
इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर किसी भी तरह का टोल बिल्कुल नहीं चाहता है। ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना ही ट्रंप प्रशासन की इस पूरी कूटनीतिक रणनीति का मुख्य और सबसे अहम उद्देश्य है। अमेरिका लगातार ईरान पर अपना दबाव बढ़ा रहा है ताकि वह अपनी सीमा में रहे।
यूरेनियम भंडार पर ट्रंप का दावा
एक अनुमान के मुताबिक वर्तमान में ईरान के पास लगभग 900 पाउंड उच्च संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। ट्रंप का दावा है कि करीब एक साल पहले हुए अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में इसे परमाणु ठिकानों के नीचे दबा दिया गया था। अब अमेरिका इस पूरे खतरनाक यूरेनियम भंडार को अपने सीधे कब्जे में लेने की मजबूत और सख्त योजना बना रहा है।
हालांकि पिछले सप्ताह ट्रंप ने इस गंभीर मुद्दे पर कुछ हद तक अपनी थोड़ी नरमी भी पूरी दुनिया को दिखाई थी। उन्होंने कहा था कि अगर 970 पाउंड यूरेनियम वहीं दफन रहता है तो उन्हें शायद कोई खास बड़ी आपत्ति नहीं होगी। ऐसा माना जा रहा था कि अमेरिकी प्रशासन ईरान के साथ किसी बड़े शांति समझौते की नई संभावना तलाश रहा है।
होर्मुज पर टोल की योजना के खिलाफ ट्रंप
इसी बीच ईरान और ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मिलकर एक स्थाई टोल सिस्टम बनाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। फ्रांस में ईरान के राजदूत मोहम्मद अमीन-नेजाद ने कहा कि समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए बहुत ज्यादा आर्थिक खर्च आता है। ऐसे में जो भी देश या विदेशी कंपनियां इस रास्ते का उपयोग करेंगी, उन्हें इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और बड़े तेल व्यापार मार्गों में से एक प्रमुख रास्ता गिना जाता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा रोजाना इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर सुरक्षित रूप से गुजरता है। मोहम्मद अमीन-नेजाद ने कहा कि अगर मौजूदा हालात में सुधार लाना है, तो समस्या की जड़ से निपटने का स्थाई समाधान खोजना होगा।
अमेरिका का अंतिम निर्णय
ट्रंप ने अपने पुराने सख्त तेवर में वापसी करते हुए साफ कर दिया है कि ईरान की मनमानी अब और ज्यादा नहीं चलेगी। पश्चिम एशिया में लगातार बने हुए भारी तनाव के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता काफी बढ़ती जा रही है। ऐसे में अमेरिका इस बेहद संवेदनशील मसले पर किसी भी तरह की कोई ढील देने के मूड में बिलकुल नजर नहीं आ रहा है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal