बेलफास्ट में चाकूबाजी की घटना के बाद भड़की हिंसक आग
-पूरे ब्रिटेन में बढ़े तनाव के बीच सड़कों पर उतरी भारी भीड़

बेलफास्ट, उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट में एक भीषण चाकूबाजी की घटना के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा और विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं। इस हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसकी आंख, पीठ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस द्वारा इस मामले में 30 वर्षीय एक सूडानी नागरिक पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाए जाने और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तनाव अत्यधिक बढ़ गया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया, जिसके बाद बेलफास्ट सहित कई इलाकों में मंगलवार रात भर आगजनी और तोड़फोड़ का तांडव देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर इमीग्रेशन यानी आप्रवासन के विरोध में उग्र नारेबाजी की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस चाकू हमले को बेहद भयानक और दिल दहला देने वाला बताया है और साथ ही स्पष्ट किया है कि सड़कों पर इस तरह की हिंसा को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिंसा की यह आग बेलफास्ट से फैलते हुए ग्लासगो, लंदन और बांगोर जैसे शहरों तक पहुंच गई है, जहां लोग काले कपड़े पहनकर सड़कों पर विरोध दर्ज कराने उतरे। प्रदर्शन के दौरान कई उपद्रवी चेहरे ढके हुए नजर आए, जिन्होंने घरों, बसों, कारों और पुलिस बैरिकेड्स को आग के हवाले कर दिया। बेलफास्ट के पड़ोसी शहर न्यूटाउन एबी और किलकील में भी वाहनों को फूंकने की खबरें सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में कई घर आग की लपटों से घिरे दिखाई दिए, जिन्हें बुझाने के लिए दमकलकर्मी और आपातकालीन सेवाएं पूरी रात मशक्कत करती रहीं। उत्तरी आयरलैंड की प्रथम मंत्री मिशेल ओ नील ने इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे खुली गुंडागर्दी करार दिया है। उन्होंने कहा कि नकाबपोश लोग निर्दोष परिवारों को डराने और उन्हें जबरन घरों से निकालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि समाज में नस्लवाद, डराने-धमकाने और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
इस बीच कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस प्रमुख जॉन बुचर ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भड़काऊ और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों और शांति बनाए रखें। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे इस चाकू हमले को आतंकवाद से जोड़ा जा सके। इसके साथ ही प्रशासन ने जानकारी दी है कि आरोपी नागरिक को उत्तरी आयरलैंड में कानूनी रूप से रहने का अधिकार प्राप्त था। वहीं, न्याय मंत्री नाओमी लॉन्ग ने भी उपद्रवियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कुछ लोग उन्हीं समुदायों को नुकसान पहुंचा रहे हैं जिनकी सुरक्षा का वे दावा करते हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ब्रिटेन में पहले से ही आप्रवासन और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज है, जिससे देश का आंतरिक तनाव और गहरा गया है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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