Sunday , June 14 2026

7 साल तक ऑडिशन देती रहीं शरवरी, अब फिल्मों की लगी कतार, संघर्ष की कहानी सुन हैरान हुईं फराह खान

7 साल तक ऑडिशन देती रहीं शरवरी, अब फिल्मों की लगी कतार, संघर्ष की कहानी सुन हैरान हुईं फराह खान

मुंबई, 14 जून। बॉलीवुड अभिनेत्री शरवरी इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म मैं वापस आऊंगा को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उनके साथ दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह नजर आ रहे हैं। इसी बीच शरवरी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए खुलासा किया कि उन्हें बॉलीवुड में पहला बड़ा मौका पाने के लिए पूरे सात साल तक लगातार ऑडिशन देने पड़े थे।

हाल ही में फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान अपने यूट्यूब व्लॉग के लिए वेदांग रैना के घर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने वेदांग और शरवरी के साथ दिलचस्प बातचीत की। बातचीत के दौरान शरवरी ने अपने करियर की शुरुआती चुनौतियों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था।

शरवरी ने कही ये बात
शरवरी ने कहा कि मैं सात साल तक लगातार ऑडिशन देती रही। इसी दौरान मैं असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम कर रही थी। मुझे अपनी पहली फिल्म पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उनकी यह बात सुनकर फराह खान भी हैरान रह गईं। शरवरी का मानना है कि संघर्ष के उन वर्षों ने उन्हें मजबूत बनाया और अभिनय के प्रति उनका जुनून और बढ़ाया।

मेहनत का मिला फल
लगातार कोशिशों और धैर्य का नतीजा यह रहा कि आज शरवरी इंडस्ट्री की सबसे व्यस्त युवा अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उनकी हालिया फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लेकर दर्शकों के बीच अच्छी चर्चा है। फिल्म का निर्देशन इम्तियाज अली ने किया है और इसमें रोमांस, भावनाओं और रिश्तों की कहानी को पर्दे पर उतारा गया है।

‘ऐल्फा’ में दिखेगा दमदार अवतार
शरवरी ने बातचीत के दौरान अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म ऐल्फा जल्द रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में उनके साथ आलिया भट्ट और बॉबी देओल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का टीजर और पोस्टर पहले ही दर्शकों के बीच उत्साह पैदा कर चुके हैं। खास बात यह है कि ‘ऐल्फा’ में शरवरी एक दमदार और एक्शन से भरपूर किरदार निभाती दिखाई देंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर
शरवरी की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं। सात साल तक ऑडिशन देने और असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करने के बाद आज उनके पास फिल्मों की लंबी लाइन है। यह साबित करता है कि प्रतिभा के साथ धैर्य और मेहनत हो तो सफलता देर से सही, लेकिन जरूर मिलती है।

सियासी मियार की रीपोर्ट