स्वानंद किरकिरे ने राजकुमार हिरानी के साथ उनकी पहली सीरीज़ ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ के लिए फिर मिलाया हाथ

मुंबई, 22 जून )। प्रसिद्ध लेखक, गीतकार, अभिनेता, संगीतकार और कहानीकार स्वानंद किरकिरे एक बार फिर फिल्ममेकर राजकुमार हिरानी के साथ उनकी आगामी साइबर क्राइम सीरीज़ प्रीतम एंड पेड्रो के लिए जुड़ रहे हैं।प्रीतम एंड पेड्रो के लिए स्वानंद ने एक खास रेट्रो अंदाज़ का गीत लिखा है, जो आधुनिक कहानी में पुरानी यादों और भावनाओं का एक खूबसूरत रंग जोड़ने वाला है। इस गीत को मशहूर गायिका श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज़ दी है, इसका संगीत शांतनु मोइत्रा ने तैयार किया है और इसे अभिनेत्री मोना सिंह पर फिल्माया गया है, जो इस सीरीज़ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
राजकुमार हिरानी द्वारा निर्मित और क्रिएट की गई प्रीतम एंड पेड्रो एक महत्वाकांक्षी साइबर क्राइम ड्रामा है। इसकी कहानी और स्क्रीनप्ले राजकुमार हिरानी, अभिजात जोशी और सुयश त्रिवेदी ने मिलकर लिखा है। इस सीरीज़ का निर्देशन चर्चित फिल्ममेकर अविनाश अरुण ने किया है, जो थ्री ऑफ अस, किल्ला और पाताल लोक जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए जाने जाते हैं। सीरीज़ में अरशद वारसी, विक्रांत मैसी, बोमन ईरानी और मोना सिंह जैसे कलाकार नज़र आएंगे। इसके साथ ही यह राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी की अभिनय की शुरुआत भी होगी।
स्वानंद किरकिरे ने कहा, “जब भी मैं राजू सर के साथ काम करता हूं, तो यह किसी पेशेवर प्रोजेक्ट से ज़्यादा अपने रचनात्मक घर लौटने जैसा महसूस होता है। हमने साथ में मेरे जीवन की कुछ सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों का सफर तय किया है। उनके साथ काम करने की सबसे खास बात यह है कि वह हमेशा ईमानदारी, संवेदनशीलता और गर्मजोशी के साथ कहानी कहते हैं। चाहे वह मुन्ना भाई हो, 3 इडियट्स, पीके या हाल ही में डंकी, हर अनुभव बेहद समृद्ध करने वाला रहा है क्योंकि उनकी कहानियां इंसानियत से जुड़ी होती हैं।”
उन्होंने कहा, “जब उन्होंने मुझे प्रीतम एंड पेड्रो के बारे में बताया, तो मैं तुरंत उत्साहित हो गया। यह एक ऐसी दुनिया की कहानी है जो तकनीक, साइबर क्राइम और आधुनिक चिंताओं से भरी हुई है। लेकिन इसी दुनिया में एक ऐसे गीत के लिए जगह थी जो पुरानी यादों और कालातीत भावनाओं को जगा सके। यही विरोधाभास मुझे बेहद आकर्षक लगा। चुनौती यह थी कि गीत में पुराने दौर का एहसास हो, लेकिन वह आज के दर्शकों की भावनात्मक यात्रा का भी हिस्सा बने।”
स्वानंद ने कहा, “रेट्रो गीतों में एक मासूमियत और सरलता होती है, जो आजकल कम देखने को मिलती है। वे दिखावे से ज़्यादा कल्पनाओं, प्रेम, इंतज़ार और मधुर धुनों पर आधारित होते थे। इस गीत को लिखते समय मैंने उसी भाव को फिर से महसूस किया। मेरी कोशिश थी कि इसके बोलों में पुराने हिंदी सिनेमा की खुशबू हो, लेकिन यह उसकी नकल न लगे। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था जो जाना-पहचाना भी लगे और नया भी।”
उन्होंने कहा, “शांतनु मोइत्रा का संगीत इस अनुभव को और खास बना देता है क्योंकि उन्हें धुनों के ज़रिए कहानी कहने की कला बखूबी आती है। उनके संगीत में एक कालातीत एहसास होता है। और फिर श्रेया घोषाल हैं। उनकी आवाज़ उन दुर्लभ आवाज़ों में से है जो हर पीढ़ी के दिल तक पहुंचती है। जैसे ही उन्होंने यह गीत गाया, मुझे लगा कि यह पूरी तरह जीवंत हो गया है। उन्होंने इसमें वह गरिमा, भावना और सच्चाई जोड़ी है, जो सिर्फ वही ला सकती हैं।”
सियासी मियार की रीपोर्ट
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