त्रिपुरा में विकास की अपार संभावना, लाभ उठायें निवेशक: सिंधिया

नई दिल्ली, । पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देश के आशाजनक निवेश स्थलों में से एक बताते हुए गुरुवार को कहा कि निवेशकों का इस अवसर का लाभ उठाकर राज्य में निवेश करना चाहिए।
श्री सिंधिया ने ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026’ को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से त्रिपुरा की उल्लेखनीय विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने त्रिपुरा को पूर्वोत्तर के सबसे आशाजनक निवेश स्थलों में से एक बताया और निवेशकों से राज्य की व्यापक विकास संभावनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र देश के विकास के ऐसे प्रमुख इंजन के रूप में उभर रहा है, जो ‘विकसित भारत’ के निर्माण की यात्रा में निर्णायक भूमिका निभायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की परिवर्तनकारी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति ने पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश की सीमांत पहचान से आगे बढ़ाकर दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित किया है। इससे व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खुले हैं।
उन्होंने कहा कि ‘डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव’ ऐसे राज्य की झलक प्रस्तुत करता है, जो दीर्घकालिक निवेश अवसरों की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगरतला दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है, जो 67 करोड़ से अधिक आबादी वाले आसियान क्षेत्र तथा विश्व के सबसे बड़े आर्थिक समूहों में से एक से व्यापारिक संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राज्य में प्राकृतिक गैस, बांस, अगरवुड, प्राकृतिक रबर, चाय, मसालों तथा बागवानी उत्पादों के पर्याप्त भंडारों और उच्च शिक्षित कार्य बल, निवेशक-अनुकूल नीतियां, तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि त्रिपुरा देश के सबसे बड़े बांस उत्पादक राज्य तथा प्राकृतिक रबर के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में उभरा है। यहां विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, लॉजिस्टिक्स, निर्यात तथा प्रौद्योगिकी-आधारित उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं।
श्री सिंधिया ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में बेहतर संपर्क, आधुनिक अवसंरचना और मजबूत संस्थागत सहयोग के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास परिदृश्य में आमूलचूल परिवर्तन किया है। भारत–म्यांमार–थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग, कलादान बहु-माध्यम पारगमन परिवहन परियोजना, सबरूम स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), मैत्री सेतु तथा एकीकृत जांच चौकी जैसी प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से त्रिपुरा दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए निर्यात के एक महत्वपूर्ण प्रस्थान केन्द्र के रूप में उभर रहा है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal