अमेरिका ने पाइपलाइन के पुनर्निर्माण को लेकर इराक-सीरिया समझौते का किया स्वागत
वॉशिंगटन/बगदाद, । अमेरिका ने इराक और सीरिया के बीच कच्चे तेल की पाइपलाइन के पुनर्निर्माण और उसे दोबारा शुरू करने के फैसले का स्वागत किया है।
अमेरिका ने इसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बुनियादी ढांचा परियोजना बताया, जो इराक के तेल उत्पादन को भूमध्यसागरीय निर्यात बाजारों से जोड़ने वाले बेहद जरूरी ऊर्जा गलियारे को बहाल करेगी।
अमेरिका ने एक बयान में कहा कि वह दोनों सरकारों की इस मंशा का स्वागत करता है, जिसके तहत वे इस परियोजना को ‘द्विपक्षीय और क्षेत्रीय रणनीतिक महत्व की प्राथमिकता वाली बुनियादी ढांचा परियोजना’ बनाना चाहती हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि इस पाइपलाइन की शुरुआती परिवहन क्षमता 20 लाख बैरल प्रति दिन होगी। अमेरिका की अगुवाई वाला एक अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम इस परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं को पूरा करेगा।
विदेश विभाग ने कहा, “दोनों देश इराक के तेल उत्पादन को भूमध्यसागरीय निर्यात बाजारों और उससे आगे जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे को बहाल करने के रणनीतिक उद्देश्य को समझते हैं।” विभाग ने कहा कि यह परियोजना ‘इस क्षेत्र और सीरिया-इराक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव’ है। दोनों देशों की यह प्रतिबद्धता कि वे मिलकर पाइपलाइन को बहाल और संचालित करेंगे, एक कानूनी ढांचा तैयार करेंगे और कंसोर्टियम के साथ काम करेंगे, “समृद्धि के जरिये सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देगी।”
इसके अलावा, सीरियाई अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र के प्रमुख तेल निर्यात मार्गों में से एक, किरकुक-बानियास कच्चे तेल की पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने के लिए अमेरिका में हुई बैठकों के दौरान दो समझौता पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये।
पहला समझौता सीरियाई पेट्रोलियम कंपनी और इराक की बसरा ऑयल कंपनी के बीच हुआ। वहीं दूसरा समझौता शेवरॉन, यूसीसी होल्डिंग और टीआई कैपिटल के एक अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम के साथ हुआ, जो इस परियोजना के लिए तकनीकी व वित्तीय अध्ययन तैयार करेगा और इसे लागू करने का ढांचा विकसित करेगा। सीरिया के ऊर्जा मंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने इस समझौते को ‘क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक को फिर से शुरू करने की दिशा में रणनीतिक कदम’ बताया।
सीरिया के ऊर्जा मंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “यह परियोजना क्षेत्र के संसाधनों को भूमध्य सागर से जोड़ने वाले एक क्षेत्रीय ऊर्जा गलियारे के रूप में सीरिया की स्थिति को मजबूत करेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि इससे क्षेत्रीय सहयोग, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा के नये रास्ते खुलेंगे।
उम्मीद है कि यह परियोजना इराकी कच्चे तेल के लिए एक बड़े निर्यात मार्ग को बहाल करेगी। इसके साथ ही, यह एक क्षेत्रीय ऊर्जा ट्रांजिट हब के रूप में सीरिया की भूमिका को मजबूत करेगी और दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देगी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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