असम में बाढ़ से 16 जिलों की 564660 आबादी प्रभावित, मृतकों की संख्या 34 हुई

गुवाहाटी, असम और पड़ोसी राज्यों अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड आदि राज्यों में लगातार हो रही बरसात के चलते असम में बाढ़ के हालात बेहद गंभीर हो गये हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के 21 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में एक दिन में कुल 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस तरह राज्य में अब तक मरने वालों की कुल संख्या 34 हो गई है। असम में खतरे के निशान से ऊपर बहने वाली नदियों में ब्रह्मपुत्र नदी (निमातीघाट), बुढ़ीदिहिंग (चेनीमारी, खोवांग), धनसिरी (गोलाघाट, नुमालीगढ़) शामिल हैं।
बाढ़ के उच्चतम स्तर से ऊपर बहने वाली नदियों में दिखौ (शिवसागर), दिसांग (नांगलामुराघाट) हैं। बाढ़ से वर्तमान समय में कुल 16 जिले प्रभावित हुए हैं। जिसमें गोलाघाट, कामरूप, होजाई, डिब्रूगढ़, बिश्वनाथ, धेमाजी, शोणितपुर, उदालगुरी, नगांव, चराइदेव, कामरूप (मेट्रो), जोरहाट, तिनसुकिया, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर एवं शिवसागर शामिल हैं। बाढ़ से 16 जिलों के 44 राजस्व मंडलों के कुल 872 गांव प्रभावित है। राज्य की कुल 564660 आबादी एवं 24210.35 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
राज्य सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कुल 71 राहत शिविर एवं 202 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 273 शिविर स्थापित किये हैं। राहत शिविरों में 12284 लोग आश्रय लिए हुए हैं, जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 100318 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं।
बाढ़ से 21 जुलाई को मरने वालों की संख्या 21 दर्ज हुई, जिसमें गोलाघाट में 2 (पुरुष), जोरहाट में 1 (महिला), चराईदेव में 5 (3 पुरुष, 1 बच्चा एवं 1 बच्ची), शिवसागर 13 (7 पुरुष, 4 महिला, 1 बच्चा, 1 बच्ची) शामिल हैं। वहीं बाढ़ से प्रभावित जानवरों की कुल संख्या 185029 दर्ज हुई है, जिसमें बड़े 61747, छोटे 92578 एवं मुर्गी-पालन 30704 दर्ज हुए हैं। इस बीच बाढ़ के पानी में कुल 107 जानवर बह गये, जिसमें बड़े 83, छोटे 04 और मुर्गी-पालन 20 बताये गये हैं। इस बीच बाढ़ के पानी के चलते मंगलवार को जोरहाट जिले में आंशिक रूप से 15 पक्के घर क्षतिग्रस्त हुए।
बाढ़ में राहत एवं बचाय अभियान में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राज्य सरकार ने कुल 89 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान 50 नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। बाढ़ के पानी में फंसे 6101 लोगों को नावों द्वारा निकाला। वहीं 20 जानवरों को भी नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित शिवसागर जिले में राहत के कार्य में दो हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया गया।
बाढ़ प्रभावितों के बीच राज्य सरकार की ओर से चावल (क्विंटल में): 5011.072, दाल (क्विंटल में): 956.526, नमक (क्विंटल में): 265.1777, मस्टर्ड ऑयल/सरसों का तेल (लीटर में): 20115.4205 साथ ही पशुओं का चारा – गेंहूं का चोकर (क्विंटल में): 464.31 और पशुओं का चारा – चावल का चोकर (क्विंटल में): 72.42 राहत सामग्री बांटी गई। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार हर स्थिति पर बारिकी से नजर रखे हुए है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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