Thursday , August 6 2026

13 साल पुराने मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को ठहराया दोषी, ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को पलटा

13 साल पुराने मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को ठहराया दोषी, ट्रायल कोर्ट के बरी करने के फैसले को पलटा

पणजी, 06 अगस्त। बॉम्बे हाई कोर्ट ने तहलका के पूर्व संस्थापक तरुण तेजपाल को 2013 के बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने गोवा की ट्रायल कोर्ट के साल 2021 के उस फैसले को पूरी तरह से पलट दिया है, जिसमें उन्हें बरी कर दिया गया था।
2013 के यौन उत्पीड़न का मामला

यह गंभीर मामला साल 2013 का है, जब एक महिला जूनियर सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि तरुण तेजपाल ने एक होटल के लिफ्ट के भीतर उनका यौन उत्पीड़न किया था। इस घटना के सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ था और तेजपाल को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे की कार्रवाई शुरू की गई थी।
ट्रायल कोर्ट का फैसला और हाई कोर्ट का नया रुख

मई 2021 में गोवा की सेशंस कोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए तेजपाल को बरी कर दिया था, जिसे राज्य सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाई कोर्ट की खंडपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें बलात्कार और अन्य धाराओं में दोषी ठहराया है।

सियासी मियार की रीपोर्ट