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ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम का दूसरा संस्करण 5-6 सितंबर को मुंबई में, होगा ब्रिक्स देशों की संस्कृति का उत्सव

ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम का दूसरा संस्करण 5-6 सितंबर को मुंबई में, होगा ब्रिक्स देशों की संस्कृति का उत्सव

नई दिल्ली, 18 अगस्त । मीडिया, कौशल निवेश परामर्श जैसे विविध क्षेत्रों में कार्यरत एपी ग्लोबल के ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम (जीआईएफ) का दूसरा संस्करण ब्रिक्स देशों के बीच संस्कृत, सभ्यतागत विरासत और व्यवसायिक क्षेत्र में संवाद बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी 5-6 सितंबर को मुंबई में आयोजित किया जायेगा।

महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से इस दो दिवसीय आयोजन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका द्वारा स्थापित ब्रिक्स के प्रतिष्ठित प्रतिनिधि एक साथ शामिल होंगे और संस्कृति, विरासत तथा सभ्यतागत आदान-प्रदान का उत्सव मनायेंगे।

इस दौरान चुनिंदा स्टार्टअप इकाइयों को भी आमंत्रित किया गया है।

एपी ग्लोबल और उसके अन्य सहयोगी संगठनो के प्रतिनिधियों ने सोमवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार आयोजित होने वाला जीआईएफ-2 एक अंतरराष्ट्रीय सॉफ्ट पावर फेस्टिवल (सांस्कृतिक शक्ति एवं समृद्धि के उत्सव) के रूप में परिकल्पित किया गया है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि संस्कृति, ज्ञान प्रणालियां, विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति किस प्रकार विभिन्न देशों के बीच सार्थक संबंध स्थापित कर सकती हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक संबंधों को अक्सर मुख्य रूप से राजनीति और अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से देखा जाता है, यह फोरम मजबूत वैश्विक संबंधों के निर्माण में सांस्कृतिक समझ और सभ्यतागत आदान-प्रदान की महत्वपूर्ण भूमिका को सामने लायेगा।

दो दिनों तक चलने वाले जीआईएफ-2 में प्रत्येक दिन लगभग 500 उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें राजदूत, राजनयिक, उद्योग जगत के नेता, विद्वान, सांस्कृतिक हस्तियां, उद्यमी, निवेशक और फैमिली ऑफिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में पैनल चर्चाएं, मुख्य वक्ताओं के साथ विशेष संवाद तथा सहभागी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें भाग लेने वाले देशों के बीच सांस्कृतिक समानताओं, परंपराओं और साझा विरासत के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जायेगी।

इस कार्यक्रम में आयुर्वेद और पारंपरिक चीनी चिकित्सा से लेकर कलरिपयट्टू और कुंग फू/ताई ची, शास्त्रीय नृत्य और कैपोएरा, टैगोर और टॉल्स्टॉय, सिनेमा, संगीत, खेल तथा आदिवासी परंपराओं तक विभिन्न संस्कृतियों और विधाओं को एक साथ प्रस्तुत किया जायेगा।

इसका उद्देश्य यह दर्शाना है कि ज्ञान, कला और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां किस प्रकार सीमाओं के पार पहुंची हैं और आज भी समकालीन समाजों को प्रभावित कर रही हैं।

रूस और भारत के बीच मजबूत होते संबंधों के बारे में बात करते हुए भारत में रूसी दूतावास की द्वितीय सचिव मारिया कुद्रियाशोवा, रूसी दूतावास ने कहा, “रूस और भारत के बीच लंबे समय से मित्रता चली आ रही है, जिसकी नींव एक-दूसरे के प्रति पारस्परिक सम्मान, विश्वास और एक-दूसरे की संस्कृतियों, परंपराओं तथा प्राथमिकताओं की गहरी समझ पर आधारित है। आज यह संबंध व्यापार और निवेश, ऊर्जा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति तथा लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में फैली एक विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित हो चुका है।

ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम ऐसे महत्वपूर्ण समय में आयोजित हो रहा है, जब भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

ब्रिक्स भारत और रूस के लिए अधिक संतुलित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तथा व्यावहारिक सहयोग की दिशा में मिलकर काम करने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।”

सियासी मियार की रीपोर्ट