वैलेन्टाइन डे (14 फरवरी) पर विशेष: प्रणय पर्व : प्रेम और कर्तव्य का अंतर्संबंध -राकेश कुमार वर्मा- आत्मा तीन नश्वर शरीरों में समाहित है, पहला शरीर मांस है, जिसे स्पर्श कर अनुभव कर सकते हैं। दूसरा शरीर तंत्रिका ऊर्जा है जो मांस को चैतन्य करती है और तीसरा आत्मा का …
Read More »जीवनशैली
आजमाएं गुस्से को छूमंतर करने के लिए ये लाजबाव उपाय..
आजमाएं गुस्से को छूमंतर करने के लिए ये लाजबाव उपाय.. कहते हैं क्रोध बुद्धि को खा जाता है, यह बात कई लोग जानते हैं फिर भी क्रोध करते हैं और बेवजह अपना और अपने साथी को परेशान करते हैं। वैसे अगर आपको कभी गुस्सा आ भी जाए तो इन उपायों …
Read More »घरेलू चीजें अपनाओ, सेहत बनाओ..
घरेलू चीजें अपनाओ, सेहत बनाओ.. फिट रहना हर किसी की चाहत होती है। हालांकि इसके लिए एफर्ट कम ही लोग कर पाते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में जिनकी मदद से आप फिट रह सकते हैं। सीफूड:- अगर आप हफ्ते में तीन बार …
Read More »होलिस्टिक चिकित्सा से साइटिका का उपचार
होलिस्टिक चिकित्सा से साइटिका का उपचार कभी-कभी औरतें शारीरिक रूप से भी किसी न किसी बड़ी समस्या का शिकार हो जाती हैं। यहां विशेषतौर पर उन्हें कमर दर्द की समस्या बेहद अधिक सताती है। कुछ हद तक तो वह सामान्य होता है, लेकिन जब यह कमर दर्द भयावह रूेप अपना …
Read More »एक अच्छा बेटा और एक बुरा बेटा
एक अच्छा बेटा और एक बुरा बेटा जरा कैन और हाबिल को देखिए। वे अब बड़े हो गए हैं। कैन एक किसान बन गया है। वह फल-सब्जी और अनाज की खेती करता है। जबकि हाबिल एक चरवाहा बन गया। उसे भेड़ के छोटे-छोटे बच्चों, यानी मेम्नों की देखरेख करना बहुत …
Read More »पॉलीमर साइंस में बनाएं भविष्य
पॉलीमर साइंस में बनाएं भविष्य कई बार प्रतिभाशाली होने के बावजूद छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाता। ऐसे छात्रों के लिए बीएससी पॉलीमर साइंस एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आज की जिंदगी में प्लास्टिक कुछ इस तरह रचा-बसा है कि उसके बिना जिंदगी की कल्पना भी …
Read More »सजा
सजा -नीरज अहलुवालिया- मुझको बह जाने में गुरेज नहीं,तेरी फितरत से भी परहेज नहीं,आपशारों पे मग़र रुक ना सका,पानी होने की सजा खूब मिली,पानी होने की सजा खूब मिली…..अश्क़ था, दर्द का सुरूर ले कर,खारे दरियाओं का गुरूर ले कर,तेरी नजरों से गिर गया लेकिन,मुझको जख्मों की रजा खूब मिली,पानी …
Read More »मंगली की टिकुली (कहानी)
मंगली की टिकुली (कहानी) -भैरव प्रसाद गुप्त- शाम झुक आयी, तो मंगली ने ताखे से ठिकरा उठाया और दीवार पर खिंची चिचिरियों के आगे एक और चिचिरी खींच दी। ठिकरा ताखे पर रखकर वह चिचिरियां गिनने लगी- एक-दो-तीन … दस तक वह गिन चुकी, तो उसने बायें हाथ की कानी …
Read More »अफसोस है
अफसोस है -अकबर इलाहाबादी- सुखद अहसासगुम-सुम बैठे बच्चे को हंसाने कारुठे हुए बच्चे को मनाने काएक सुखद एहसासबच्चे को हवा में उछाल कर खिलाने काडर कर रोने पर अंक में भर लेने काएक सुखद एहसासकभी अचानक से बच्चे को पसंद की वस्तु लाकर देनावस्तु पाकर बच्चे के चेहरे पर आइ …
Read More »बंद गली (कहानी)
बंद गली (कहानी) -जसविंदर शर्मा- मैं मानती हूं कि मेरी इस उम्र में शरीर कई बीमारियों का घर बन जाता है परन्तु मेरी ज्ञानेन्द्रियों के साथ इन दिनों एक विशेष प्रकार की समस्या होती जा रही है। मैं लोगों को बताती हूं मगर वे यकीन नहीं करते। वे कहते हैं …
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