पास वो मेरे इतने है कि दूरियों का अहसास नहीं -आर के रस्तोगी- पास वो मेरे इतने है कि, दूरियों का अहसास नहींकुछ बोलना चाहती हूँ, पर बोलने का साहस नहीं,कहने को बहुत कुछ कह सकती, पर अभी समय नहींजुबान पर ताले पड़े है, पर वह चाबी मेरे पास नहीं।जिन्दगी …
Read More »जीवनशैली
हम दिखा देंगे
हम दिखा देंगे -दिलीप कुमार सिंह- चुनाव नजदीक है तो हर कोई देखने-दिखाने की बात कर रहा है।जनता नेताओं से कह रही है हम तुम्हें दिन में तारे दिखा देंगे और नेता जनता के चरण रज तलाश रहे हैं।मीडिया परेशान है कि सिद्धू ना बोल रहे हैं ना दिख रहे …
Read More »रेल की खिड़की से शहर-दर्शन…!! (कहानी)
रेल की खिड़की से शहर-दर्शन…!! (कहानी) -तारकेश कुमार ओझा- किसी ट्रेन की खिड़की से भला किसी शहर के पल्स को कितना देखा-समझा जा सकता है। क्या किसी शहर के जनजीवन की तासीर को समझने के लिए रेलवे ट्रेन की खिड़की से झांक लेना पर्याप्त हो सकता है। अरसे से मैं …
Read More »मेकअप ब्रश की साफ-सफाई करने के टिप्स
मेकअप ब्रश की साफ-सफाई करने के टिप्स महिलाओं का मेकअप बॉक्स काफी बड़ा और भारी होता है। उनके पास खुद को सजाने के लिये तरह-तरह के मेकअप प्रोडक्ट होते हैं, लेकिन वे एक खास काम करना भूल जाती हैं। महिलाएं मेकअप ब्रश को साफ करने के बारे में जरा भी …
Read More »अगर बच्चे खाना खाने में करें नखरा
अगर बच्चे खाना खाने में करें नखरा आपके अभिभावक के रूप में सीखने की प्रक्रिया तभी शुरू हो जाती है, जब आप मां-बाप बनने का सुख प्राप्त कर लेते हैं। अधिकांश माता पिता के सामने जो सबसे कठिन समस्या आती है, वह है अपने बच्चे को स्वास्थ्यकारी खाना कैसे खिलायें …
Read More »इनोवेशन में सुनहरा भविष्य
इनोवेशन में सुनहरा भविष्य देश में आज पढ़़ाई-लिखाई के ट्रेडिशनल मेथड्स में चेंज आया है। स्टूडेंट हों या टीचर, उस पढ़ाई पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं, जो सोसायटी, इंडस्ट्री के लिहाज से जरूरी हों। मेटा कॉलेज कॉन्सेप्ट पर डेवलप किया गया दिल्ली यूनिवर्सिटी का सीआईसी यानी क्लस्टर इनोवेशन सेंटर …
Read More »चुस्त व स्वस्थ बने रहने के कुछ टिप्स
चुस्त व स्वस्थ बने रहने के कुछ टिप्स पूर्ण स्वस्थ व्यक्ति के लिए कोई पेचीदा नियम नहीं। कोई गहरे गुण भी नहीं। उसे तो साधारण से गुणों का स्वामी होकर स्वस्थ रहना है। आइए, जानें। -वह प्रातः उठने, रात सोने, दिन भर के कार्यों के लिए पूरी तरह नियमित रहता …
Read More »अपनी क्षमता की आन्तरिक पहचान करें
अपनी क्षमता की आन्तरिक पहचान करें मानव जीवन समस्याओं से भरा हुआ है और कभी-कभी समस्याएं इतना विकराल रूप धारण कर लेती है कि मन निराशा से भर उठता है। व्यक्ति विषाद में आकंठ डूब जाता है और तब उसे कोई मार्ग दिखाई नहीं देता। भारतीय परा साहित्य में ऐसे …
Read More »मैं मासूम
मैं मासूम निर्मला टाकलूणकरणसर, राजस्थान मैं मासूम सी भली,जिंदगी में चली,बढ़ना है आगे,पानी हैं मंज़िलें,पूरी करनी है ख्वाहिशें,सूरज की उजली किरणों सी,बिखर जाऊंगी चारों ओर,हां बिखर ही तो गई हूं,न समेट सकी अपनी किरचन,चुभ रही हूं खुद में ही में,आग जली है खुद में ही,हौसला बढ़ा खुद में ही,लड़ना है …
Read More »मायका (कहानी)
मायका (कहानी) तेरहवीं की भीड़ अब छँट चुकी थी। जो रिश्तेदार आए थे, वे अब लौट चुके थे। दीवारों पर अब भी माँ की तस्वीर के नीचे टिमटिमाता दीया जल रहा था। अगरबत्ती की धीमी महक अब पूरे घर में उदासी की तरह फैल रही थी। घर के हर कोने …
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