रामायण’ में विश्व-स्तरीय वीएफएक्स : नितेश तिवारी

पंणजी, 27 नवंबर। फिल्म निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा है कि उनकी आगामी फ़िल्म ‘रामायण’ में दृश्यों को भव्य और शानदार बनाने के लिए विश्व-स्तरीय वीएफएक्स का प्रयोग किया जा रहा है।
श्री तिवारी ने वेव्स फिल्म बाज़ार में बोलते हुए कहा कि पौराणिक महाकाव्य का पैमाना ऐसी मांग करता है कि “यह दृश्य के स्तर पर इतना आश्चर्यजनक हो कि यह पूरी दुनिया के लिए एक मानक बन जाए।” उन्होंने इस फिल्म के निर्माण की पांच साल की यात्रा को साझा करते हुए कहा कि परियोजना की विशालता को पूरी तरह से समझने में ही उन्हें लगभग दो साल लग गए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा ‘डरावनी और दिमाग सुन्न करने वाली’ है। उन्होंने बताया कि ‘रामायण’ के पहले भाग के रिलीज़ होने में अभी भी एक साल बाकी है।
फिल्म बाजार के पैनल में उनके साथ फ़िल्म निर्माता प्रशांत वर्मा और अश्विन कुमार भी शामिल थे। पैनल का संचालन ग्रीन गोल्ड एनिमेशन के राजीव चिलका कर रहे थे। पैनल ने इसपर व्यापक चर्चा की कि कैसे प्रौद्योगिकी भारतीय सिनेमा को नया रूप दे रही है। भारत के तेजी से विस्तार हो रहे वीएफएक्स परिदृश्य में इन निर्देशकों ने देश की बढ़ती रचनात्मक शक्ति और फ़िल्म, स्ट्रीमिंग और एनिमेशन में उच्च-गुणवत्ता वाले ‘विज़ुअल इफ़ेक्ट्स’ की बढ़ती मांग के बारे में बात की।
तेलुगु में सुपरहिट सुपरहीरो फिल्म ‘हनुमान’ बनाने वाले श्री वर्मा ने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी नहीं, बल्कि कहानी ही किसी भी फ़िल्म की नींव बनी रहती है। उन्होंने कहा, “फ़िल्में कहानियों के कारण काम करती हैं। वीएफएक्स सहित अन्य सभी शिल्प, उस कहानी को भव्य तरीके से बताने में मदद करते हैं।”
श्री वर्मा ने अपनी व्यावहारिक कार्यप्रणाली को समझाते हुए कहा, “या तो आप कलाकार को बहुत समय दें या आपके पास बहुत पैसा हो… हमारे पास पैसा नहीं था, लेकिन हमारे पास समय था।” श्री वर्मा फिलहाल, ‘जय हनुमान’ फिल्म पर काम कर रहे हैं।
अश्विन कुमार ने अपनी सफल एनिमेशन फ़िल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ और ऐसी परियोजनाओं को शुरु से तैयार करने के लिए आवश्यक दृढ़ संकल्प की आवश्यकता पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने कहा कि एआई फिल्म जगत में एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरता जा रहा है। श्री कुमार फिलहाल अपनी अगली फिल्म ‘महावतार परशुराम’ पर काम कर रहे हैं।
श्री कुमार ने एक बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की, “हम एक निर्णायक मोड़ पर हैं। पाँच वर्षों में, शायद कोई ऐसी एआई फ़िल्म होगी जो आपको रुला देगी।” श्री तिवारी ने कहा कि वैश्विक दर्शकों के लिए भारतीय कहानियों और स्थानों पर आधारित एक एनिमेशन फ़िल्म बनाना उनकी व्यक्तिगत “बकेट लिस्ट” में शामिल है।
पैनल ने भारत के वीएफएक्स-आधारित फ़िल्म निर्माण में नवाचार, कलात्मकता और कहानी कहने के बीच बढ़ते तालमेल को रेखांकित किया। फ़िल्म निर्माताओं ने सहमति व्यक्त की कि प्रौद्योगिकी विचारों को शक्ति दे सकती है, यह उनकी जगह नहीं ले सकती। कहानी को हमेशा नेतृत्व करना चाहिए। वेव्स फिल्म बाज़ार, गोवा में आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव की उद्योग मार्केटिंग यूनिट है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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