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केंद्र सरकार ने गेहूं और धान की सरकारी खरीद पर आढ़तियों और समितियों का कमीशन बढ़ाया, पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों के व्यापारियों को मिली बड़ी सौगात

केंद्र सरकार ने गेहूं और धान की सरकारी खरीद पर आढ़तियों और समितियों का कमीशन बढ़ाया, पंजाब-हरियाणा समेत कई राज्यों के व्यापारियों को मिली बड़ी सौगात

नई दिल्ली, 17 मार्च। केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़े एक ऐतिहासिक फैसले में आढ़तियों (कमीशन एजेंटों) और सहकारी समितियों के लाभांश में बड़ी वृद्धि को मंजूरी दे दी है। उपभोक्ता मामले और खाद्य मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नई दरें रबी विपणन सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगी। इस संशोधन के बाद पंजाब और हरियाणा के आढ़तियों को गेहूं खरीद पर अब 46 रुपये के बजाय 50.75 रुपये प्रति क्विंटल का कमीशन मिलेगा। वहीं, राजस्थान में इसे बढ़ाकर 45.67 रुपये कर दिया गया है। धान की खरीद पर भी कमीशन को 45.88 रुपये से बढ़ाकर 50.61 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया गया है।

सरकार ने केवल आढ़तियों ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाली सहकारी समितियों के कमीशन में भी इजाफा किया है। अब समितियों को गेहूं पर 29.79 रुपये और धान पर 35.30 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा। हालांकि, आधुनिक भंडारण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक साइलो (Silo) के माध्यम से होने वाली खरीद पर मंडी दर का केवल 50 प्रतिशत कमीशन ही देय होगा। यह कदम भंडारण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और खरीद प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है ताकि अनाज की बर्बादी को रोका जा सके।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब रबी फसलों की कटाई का सीजन शुरू हो चुका है और मंडियों में आवक बढ़ने वाली है। आढ़ती और समितियां किसानों और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती हैं, जो सफाई, तुलाई और लोडिंग जैसी सेवाओं का प्रबंधन करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कमीशन बढ़ने से खरीद एजेंसियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, जिससे सरकारी केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस फैसले से विशेष रूप से उन राज्यों को बड़ी राहत मिली है जहाँ आढ़ती प्रणाली अनाज खरीद का मुख्य आधार है।

सियासी मियार की रीपोर्ट