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साल 2025 में बीएमडब्ल्यू ग्रुप ने हासिल किया माइलस्टोन

साल 2025 में बीएमडब्ल्यू ग्रुप ने हासिल किया माइलस्टोन

नई दिल्ली, 13 जनवरी। बीएमडब्ल्यू ग्रुप ने साल 2025 में एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। बीएमडब्ल्यू कंपनी ने बताया कि उसने जर्मनी में 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक वाहनों का उत्पादन किया, जो जर्मन ऑटो इंडस्ट्री की मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है। जर्मन एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री (वीडीए) के अनुसार 2025 में देश में कुल 41.5 लाख वाहन बने, जिनमें से करीब 25 प्रतिशत वाहन अकेले बीएमडब्ल्यू ने तैयार किए। बीएमडब्ल्यू एजी के बोर्ड मेंबर मिलान नेडेल्जकोविच ने इस सफलता का श्रेय डिजिटलाइजेशन और नई टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल को दिया। जर्मनी में बीएमडब्ल्यू के चार बड़े प्लांट हैं डिंगोल्फिंग, लाइपज़िग, म्यूनिख और रेगेन्सबर्ग। इन सभी प्लांट्स में पेट्रोल, डीज़ल, प्लग-इन हाइब्रिड और पूरी तरह इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक ही असेंबली लाइन पर बनाई जाती हैं, जिससे कंपनी को बाजार की डिमांड के अनुसार तेजी से बदलाव करने की सुविधा मिलती है। ज्यादातर जर्मनी में बनी बीएमडब्ल्यू गाड़ियां यूरोपियन बाजार में बेची जाती हैं, जबकि अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजारों के लिए प्रोडक्शन रीजन-वाइज रणनीति के तहत किया जाता है। हाल ही में सीईएस 2026 में बीएमडब्ल्यू ने अपनी नई इलेक्ट्रिक एसयूवी आईएक्स3 को पेश किया। यह एसयूवी कंपनी की आने वाली नेयू क्लासे इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तकनीक की झलक देती है। आईएक्स3 में छठी जेनरेशन की ईड्राइव टेक्नोलॉजी शामिल है, जिसमें नए इलेक्ट्रिक मोटर, सिलिंड्रिकल बैटरी सेल और 800वी इलेक्ट्रिकल सिस्टम है। आईएक्स 3 50 एक्सड्राइव मॉडल में दो मोटर मिलकर 462.5 बीएचपी की पावर और 645 एनएमका टॉर्क जेनरेट करते हैं, जो इसे 4.9 सेकेंड में 0 से 100 केएमपीएच की रफ्तार देने में सक्षम बनाते हैं। एसयूवी की टॉप स्पीड 210 केएमपीएच है। बीएमडब्ल्यू का दावा है कि नई टेक्नोलॉजी से 40 प्रतिशत कम एनर्जी लॉस होता है, वजन 10प्रतिशत कम है और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट 20प्रतिशत तक घटती है।

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