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हमेशा याद रहेंगे केरला के ये 10 यादगार अनुभव

हमेशा याद रहेंगे केरला के ये 10 यादगार अनुभव

आपने केरला के खूबसूरत नजारों, बैकवाटर्स और जायकेदार कुसीन के बारे में सुना ही होगाद्य लेकिन इससे पहले कि आप केरला के सुहाने सफर की तैयारी करें क्या आप जानना नहीं चाहेंगे उन 10 मजेदार चीजों के बारे में जिसे भगवान की अपनी दुनिया (गॉड’स ओन कंट्री) में अनुभव करना बहुत ही अनोखा होगा।

कथकली परफॉरमेंस:- कथकली केरला का बहुत ही कलात्मक क्लासिकल डांस है, जिसमें नाटक को डांस के द्वारा दर्शाया जाता है। कथकली कलाकार के रंगबिरंगे कॉस्टयूम, आकर्षक मेक-अप और सम्मोहित कर देने वाले मुखौटों को देख कर आप भी कुछ देर के लिए मंत्रमुग्ध हो जायेंगे। कथकली डांस में रामायण और महाभारत के-श्यों को दर्शकों के सामने जीवंत किया जाता है। इन कलाकार के भाव और अदाएं किसी को भी मोहित कर देंगी।

स्थानीय लोगों के साथ:- केरला को करीब से जानना चाहते हैं तो वहां के स्थानीय निवासियों के साथ कुछ समय बिताएं। केरला की सभ्यता, लाइफस्टाइल और स्वादिष्ट खानों का मजा लेने का इससे अच्छा मौका और कब मिल पायेगा।

कीजिये सैर शिल्प कला के खजाना लिए गांव की:- केरला के टूरिज्म डिपार्टमेंट ने कोष़िक्कोड में एक ख़ास क्राफ्ट विलेज को बसाया है, जहां पारंपरिक कलाकार अपनी प्रतिभा और प्रोडक्ट का प्रदर्शन करते हैं। जो पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। ये क्राफ्ट आइटम्स में केले के फाइबर, बांस, रेत, नारियल और ताड़ के पत्तों से बड़ी ही खूबसूरती से बनाये जाते हैं।

अनुभव लें कलारीपयट्टू आक्रमण कला का:- यह पुराना मार्शल आर्ट केरला को वो सबसे पुराना और वैज्ञानिक आर्ट फॉर्म है जो विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य दिमाग और शरीर के बीच ताल मेल को परफेक्ट बनना है। इस आर्ट फॉर्म में तलवार, भाले और तीर कमान का इस्तेमाल कर चाट्तोम (कूदना), ओट्टम (दौड़ना) जैसी तकनीकों को सिखाया जाता है। कलारीपयट्टू को कुछ बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्में जैसे अशोका (2001), द मिथ (2005) और द लास्ट लीजन (2007) में दर्शाया गया है।

भ्रमण करें मारायूर के चन्दन की खुशबू वाले जंगलों का:- मुन्नार से 40 किमी दूर है मारायूर का जंगल। यहां जो ठन्डे मौसम और बरसात का मजा मिलेगा वो तो अपने आप में अनूठा अनुभव होगा है ही साथ ही चन्दन के जंगलों के बीच से गुजरना आपको किसी और ही दुनिया में ले जायेगा। रास्ते में आप फारेस्ट डिपार्टमेंट की फैक्ट्री और थूवनम के वॉटरफॉल का भी आनंद ले सकते हैं।

शाही सवारी करें हाथी की:- ताकि आप केरला सेपछताए बिना वापस जायें।द्य हाथी की सवारी करना बहुत ही मजेदार, रोमांच से भरा और बिलकुल सुरक्षित अनुभव है, जो हर वर्ग के लोगों को पसंद आता है।

स्वाद ले स्वादिष्ट भोजन का:- केरला का खाना बहुत ही स्वादिष्ट होता है जिसमे ताजी हरी सब्जियों, एक्सोटिक फलों और वहीं पर उगाये गए मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। यहां के भोजन को केले के पत्तों पर परोसा जाता है जिसे अगर आप वहां के स्थानीय लोगों के अंदाज में खाना हाथ से खाएं तो मजा कई गुना बढ़ जायेगा साथ ही स्वाद भी।

नाव की सवारी करें पेरियार नदी में:- इस नदी के चांदी के समान चमकते पानी में भोर के समय नाव की सवारी करना किसी जन्नत के सुहाने सफर से कम नहीं होगा। बोट में बैठ कर आप रहस्यमय जंगलों का भी नजारा ले पाएंगे। नदी के ऊपर सूरज को उगते हुए देखना सचमुच पल भर के लिए आपकी सांसों को थाम देगा।

खुद को पेम्पर करें आयुर्वेदिक मालिश से:- आयुर्वेदिक मालिश पुराने विज्ञान और कला का अनोखा मेल है। इससे आपके शरीर के साथ साथ दिमाग को भी अद्भुत सुकून मिलेगा। गरम प्लांट और मिनरल से भरे तेलकी मालिश से आपके मसल्स को आराम मिलेगा और कुछ देर के लिए आप गहरी सुखद नींद में चले जायेंगे।

गोधुलिबेला में बोटिंग करें अल्लेप्पी के बैकवाटर में:- अल्लेप्पी तो मशहूर ही है अपने शानदार बीचेज और पिक्चर परफेक्ट नारियल और ताड़ के खूबसूरत ऊंचे पेड़ों के कारण। लेकिन असली मजा तो यहां के बैकवाटर की सैर करने में है जिसने पूरे शहर को सांप जैसे लपेट रखा है। एक हाउसबोट किराये पर लें और नारियल के पेड़ों की ओंट से सूरज के लाल और सुनहरे रंग के परदे से दिन को ढकते हुए देखें। केरला जाने वालों के लिए बैकवाटर की सैर बहुत जरूरी और अनोखा अनुभव है। तभी तो यह हमारी लिस्ट में नंबर वन पर है!

सियासी मियार की रीपोर्ट