अगर बच्चे खाना खाने में करें नखरा

आपके अभिभावक के रूप में सीखने की प्रक्रिया तभी शुरू हो जाती है, जब आप मां-बाप बनने का सुख प्राप्त कर लेते हैं। अधिकांश माता पिता के सामने जो सबसे कठिन समस्या आती है, वह है अपने बच्चे को स्वास्थ्यकारी खाना कैसे खिलायें की। छोटे बच्चे खाने के मामले में बडे़ चूजी होते हैं। वे भोजन को देखने के बाद ही डिसाइड करते हैं कि उन्हें ये खाना अच्छा लगेगा या नहीं। बच्चों को खाना खिलाना समझो भैंस के आगे बीन बजाना। आप उन्हें जितना बोलेगें वे उतनी ही आपकी बात को काटेगें। अगर आपके बच्चे भी खाना खाने के लिये आना कानी करते हैं तो आपको एक दिशानिर्देश बनाने की आवश्यकता है। आइये जानते हैं इसके बारे में:-
ऐसा भोजन चुनें जिसे पूरा परिवार आनंद के साथ खाता हो। जिन्हें खानें में बच्चा नखरे करता हो, भोजन में ऐसी एक या दो चीजों को शामिल करें, तो वह बिना जाने ही उन्हें खा लेगा। अपने बच्चे को दी जाने वाली भोजन की मात्रा कम रखने की कोशिश करें, इससे खाने की बर्बादी नहीं होगी। बच्चे के एक ऐसे दोस्त को आमंत्रित करें जो खानें में ज्यादा नखरे न करता हो। कभी-कभी यह तरकीब खूब काम करती है, क्योंकि आपका बच्चा अपने अच्छे दोस्त के साथ खाना पसन्द कर सकता है।
किसी ऐसे बड़े को खाने के लिये बुलायें जिसे बच्चा पसन्द करता है, जैसे अंकल या दोस्त। कभी कभी बच्चा किसी और के साथ बिना नखरे किये भोजन कर लेता है। बच्चे को जो पसंद नहीं है, वह खाने के लिए मजबूर न करें। यदि आपका बच्चा भोजन से खेल रहा है, तो चुपचाप बिना कुछ कहे थाली हटा लें। भोजन के समय को सुखद बनायें तथा जो बच्चा करता है, उसके बारे में बातचीत करें। भोजन के मध्यान्तर में उन्हें दिये जाने वाले स्नैक्स तथा ड्रिंक्स को सीमित रखें ताकि भोजन के समय बच्चे को भूख लगे।
उनको भोजन के बाद फलों का जूस दें, ताकि वे भूख को मारें नहीं। जब आपका बच्चा भूखा हो तथा नये खाद्य पदार्थ को लेने के लिये अधिक तैयार हो, तो उसे नये खाद्य पदार्थों की पेशकश करें। आप अपने बच्चे को ऐसा भोजन दें जिसमें कम से कम एक चीज ऐसी हो जो बच्चे को पसंद हो। रात के भोजन हेतु परिवार के लिए खाने का नियम बनाएं, उदाहरण के लिए जो कुछ मेज पर है, सभी को सब कुछ खाना है। हालांकि, बच्चे को दी जाने वाली भोजन की मात्रा को आप नियंत्रित कर सकते हैं।
भोजन के लिए दूध का स्थानापन्न न करें। यह एक अच्छी आदत नहीं है तथा इससे बचें। रात के खाने की तैयारी में पूरे परिवार को शामिल करें। ऐसे बच्चों (जिनको कोई उच्च रक्तचाप न हो) के लिए, खानें में नमक करने की जरूरत नहीं है। केवल सौस (चटनी), रेडी भोजन तथा एम एस जी को थोड़ा कम कर दें। घर पर केवल स्वास्थ्यकारी स्नैक्स जैसे फल, ऊर्जा से भरे बार सलाद तथा बिना नमक के नट्स (अन्साल्टेड नट्स) रखें। भोजन के मध्यान्ह में यदि आपके बच्चे को भूख लगती है, तो उसे जंक फूड के बजाय फल खाने को दें।
कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ तैयार रखें जैसे उबली कार्न, पॉपकॉर्न, सब्जियों के साथ पनीर वाला सैंडविच, चना, चाट, दही तथा छाछ। सुबह की जल्दीबाजी से बचने के लिए पहले से ही बच्चे के लंचबुक की योजना बना लें। खाने को एक मजेदार अनुभव बनायें। यदि आप एक माता पिता हैं, तो स्वास्थ्यकारी भोजन करके बच्चे के लिये एक मिसाल कायम करें। ध्यान रखें, बच्चे अपने रोल मॉडल की नकल करते हैं। परिवार के घूमने टहलने की योजना बनाकर आप टीवी और गेमिंग समय को सीमित कर सकते हैं। हमेशा याद रखें कि यदि पूरा परिवार बदलाव लाता है, तो आपके बच्चों का स्वस्थ और फिट होना तय है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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