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IMF ने भारत को बताया दुनिया का ‘ग्रोथ इंजन’, विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3% किया, लेकिन सरकारी खर्च और कर्ज को लेकर दी बड़ी चेतावनी

IMF ने भारत को बताया दुनिया का ‘ग्रोथ इंजन’, विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.3% किया, लेकिन सरकारी खर्च और कर्ज को लेकर दी बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली, 21 फरवरी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर मुहर लगाते हुए इसे वैश्विक विकास का मुख्य इंजन करार दिया है। वाशिंगटन में जारी ताजा ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में IMF ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। प्रवक्ता जूली कोज़ाक के अनुसार, भारत इस समय दुनिया की किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तुलना में सबसे शानदार प्रदर्शन कर रहा है। IMF ने विशेष रूप से बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर सरकार द्वारा किए जा रहे निवेश और डिजिटल विजन की सराहना की है, जो भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।

शानदार विकास दर की तारीफों के बीच, IMF ने मोदी सरकार को ‘राजकोषीय अनुशासन’ बनाए रखने की सख्त नसीहत भी दी है। फंड ने आगाह किया है कि भारत को अपने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कम करने के लक्ष्य से नहीं भटकना चाहिए और भविष्य के संकटों से निपटने के लिए एक मजबूत ‘वित्तीय बफर’ तैयार करना चाहिए। IMF चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने संकेत दिया कि वर्तमान में राजस्व का एक बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज के ब्याज चुकाने में खर्च हो रहा है। यदि सरकार अपने खर्चों पर नियंत्रण कर कर्ज घटाती है, तो उस पूंजी का बेहतर उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा।

IMF की इस चेतावनी का सीधा असर महंगाई और बाजार की स्थिरता पर पड़ सकता है। जानकारों का मानना है कि राजकोषीय अनुशासन का पालन करने से बाजार में ब्याज दरें स्थिर रहेंगी और महंगाई पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही, IMF ने भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी सेक्टर की क्षमता को भविष्य के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताया है। हालांकि, सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि वह विकास की इस तेज रफ्तार को बनाए रखते हुए अपने वित्तीय घाटे को कैसे संतुलित करती है, ताकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था सुरक्षित बनी रहे।

सियासी मियार की रीपोर्ट