एआई इम्पैक्ट समिट भव्य रहा, ‘मानव एआई’ परिकल्पना वैश्विक समर्थन, 250 अरब डॉलर के निवेश
इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय(मेइटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि राजधानी में आयोजित भारत एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन-2026 “भव्य रूप से सफल” रहा और एआई को मानव द्वारा और मानव केंद्रित बनाने की भारत की परिकल्पना को वैश्विक समर्थन मिलने के साथ इस क्षेत्र में देश में 250 अरब डॉलर के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
राजधानी के भारत मंडपम में 16 फरवरी को शुरू हुए इस सम्मेलन के आखिरी दिन शुक्रवार शाम को उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में इस वैश्विक आयोजन की विशेषताओं और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में भागीदारी तथा बड़े निवेश की प्रतिबद्धताओं के रिकार्ड बने । उन्होंने भारत की मानव-केंद्रित एआई दृष्टि को मिले मजबूत वैश्विक समर्थन को इसकी प्रमुख उपलब्धियां बताया।
मेइटी के अलावा सूचना प्रसार और रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के साथ साथ लगाई गई प्रदर्शनी में पांच लाख से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया, जिन्होंने वैश्विक विशेषज्ञों से संवाद किया और अत्याधुनिक नवाचारों को करीब से देखा।
उन्होंने कहा कि व्यावहारिक रूप से दुनिया के हर प्रमुख एआई प्रतिष्ठान और संगठन ने इसमेंबड़ी संख्या में भागीदारी की और स्टार्टअप्स को अपने कार्यों को प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर प्रदान किये गये।
श्री वैष्णव ने इस दौरान मंत्रिस्तरीय संवाद, लीडर्स प्लेनरी और मुख्य उद्घाटन सहित विभिन्न सत्रों में हुई चर्चाओं की गुणवत्ता को “असाधारण” बताया।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “मानव एआई” यानी इंसानों का, इंसानों द्वारा और इंसानों के लिए एआई — की परिकल्पना को वैश्विक स्तर पर व्यापक समर्थन मिला। उन्होंने कहा, “लगभग हर द्विपक्षीय बैठक में, जिसमें मैं और मेरे सहयोगी शामिल हुए, मंत्रियों ने जिम्मेदार और नैतिक एआई के इस विचार के प्रति सहमति व्यक्त की।”
मंत्री ने एआई यात्रा में लगभग 2.5 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी को भी रेखांकित किया, जिसके परिणामस्वरूप एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। उन्होंने इसे युवाओं में जिम्मेदार एआई को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
निवेश के संदर्भ में श्री वैष्णव ने कहा कि अवसंरचना से संबंधित प्रतिबद्धताएं 250 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुकी हैं, जबकि वेंचर कैपिटल और डीप-टेक निवेश प्रतिबद्धताएं लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा, “संख्याएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि दुनिया को एआई के नए युग में भारत की भूमिका पर विश्वास है।”
उन्होंने बताया कि समिट की अंतिम घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों की संख्या 70 से अधिक हो चुकी है, जो पिछले समिट के 60 हस्ताक्षरकर्ताओं से अधिक है। अधिक मंत्रियों के साथ चर्चा जारी रहने और समिट को एक दिन बढ़ाए जाने के कारण यह संख्या 80 से पार होने की संभावना है।
मेइटी मंत्री ने कहा कि सभी प्रमुख देशों और एआई क्षेत्र के महत्वपूर्ण हितधारकों ने हस्ताक्षर किये हैं और अंतिम आंकड़े समिट के औपचारिक समापन के बाद घोषित किए जाएंगे।
मंत्री ने युवा नवप्रवर्तकों के साथ हुई सकारात्मक बातचीत का भी उल्लेख किया और एआई तकनीक को अपनाने में भारतीय युवाओं के उत्साह और ऊर्जा की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की नीतिगत दृष्टि—विशेषकर एआई स्टैक की पांच परतों में क्षमताओं के निर्माण और एआई मॉडलों के ‘सॉवरेन बुके’ के विकास—को वैश्विक स्तर पर मजबूत समर्थन मिला है।
श्री वैष्णव ने कहा कि कई उद्योग दिग्गजों ने अपेक्षाकृत सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय एआई मॉडलों की उच्च गुणवत्ता पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के साथ हमारे इंजीनियरों और शोधकर्ताओं ने उत्कृष्ट मॉडल तैयार किए हैं और इसे भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र की बड़ी पुष्टि बताया।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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