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इजरायल ने किया ईरानी नौसेना प्रमुख की हत्या का दावा, ईरान की ओर से पुष्टि नहीं

इजरायल ने किया ईरानी नौसेना प्रमुख की हत्या का दावा, ईरान की ओर से पुष्टि नहीं

तेल अवीव/तेहरान, 28 मार्च । इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदर अब्बास में किए गए हवाई हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना के शीर्ष नेतृत्व को मार गिराया है, जिसमें कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी भी शामिल हैं।

आईडीएफ के अनुसार, यह हमला उस समय किया गया जब श्री तंगसीरी आईआरजीसी नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। इस कार्रवाई में नौसेना के खुफिया प्रमुख बेहनाम रेज़ाई भी मारे गए।

सेना ने अन्य मारे गए अधिकारियों के नाम तत्काल सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन कहा कि हमले में नौसेना के शीर्ष स्तर के कई कमांडर समाप्त हो गए।

ईरान की ओर से श्री तंगसीरी की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि आईडीएफ ने कहा कि वह पिछले आठ वर्षों से आईआरजीसी नौसेना के प्रमुख थे और उन्होंने तेल टैंकरों तथा वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साथ ही, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन और वैश्विक व्यापार को बाधित करने की धमकियां भी दी थीं।

आईडीएफ ने कहा कि श्री तंगसीरी और आईआरजीसी नौसेना नेतृत्व की हत्या से संगठन की कमांड-एंड-कंट्रोल क्षमता को “बड़ा झटका” लगा है और क्षेत्र में उसकी सैन्य गतिविधियों को कमजोर किया गया है।

श्री तंगसीरी की मृत्यु की खबरों के बीच खाड़ी देशों की परिषद (जीसीसी) ने पश्चिम एशिया युद्ध की स्थिति पर बैठक के बाद ईरान की निंदा की। जीसीसी के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कहा कि हमले और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने सहित ईरान की कार्रवाइयों ने “सभी सीमाओं को पार कर दिया है।”

उन्होंने कहा कि जीसीसी देशों को निशाना बनाने वाली ‘क्रूर ईरानी सैन्य कार्रवाई’ के परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियां अब कोई क्षणिक स्थिति नहीं रह गई हैं, बल्कि ये जीसीसी की अपनी उपलब्धियों की रक्षा करने और अपने महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निरंतरता को दक्षता और स्थिरता के साथ सुनिश्चित करने की क्षमता की एक वास्तविक परीक्षा हैं।

इस बीच, जंग के चौथे हफ्ते के दौरान ईरान ने अमेरिका का मुकाबला करने के लिए बाब-एल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक ‘मोर्चा’ खोलने की धमकी दी है।

ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम ने एक सैन्य स्रोत के हवाले से यह जानकारी दी। इससे पहले, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने कहा था कि यदि क्षेत्र में संघर्ष जारी रहता है तो ईरान अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ नए मोर्चे खोल सकता है।

दूसरी ओर, अमेरिका के युद्ध विभाग ने रक्षा उत्पाद बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन के साथ ‘प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल’ (पीआरएसएम) का उत्पादन चार गुना बढ़ाने के लिए एक बड़े समझौते की घोषणा की। एक बयान के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य दुश्मनों के मुकाबले अमेरिकी सैन्य शक्ति को और मजबूत करना है।

संघर्ष के बढ़ने की संभावनाओं के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए संभावित बातचीत पर गुरुवार को प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी वार्ताकारों की आलोचना की और उन्हें अलग एवं अजीब करार दिया। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस मामले में नाटो देशों से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिलने पर उनकी अप्रत्यक्ष रूप से आलोचना की है।

इस दौरान अमेरिका ईरान के खिलाफ “निर्णायक हमला” करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें जमीनी कार्रवाई और व्यापक बमबारी अभियान जैसे परिदृश्य शामिल हैं। सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी मान रहे हैं कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तथा ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए जारी रखता है, तो तनाव और बढ़ सकता है। इसी कारण अमेरिका कई विकल्पों पर विचार कर रहा है।

सियासी मियार की रीपोर्ट