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इजरायल-ईरान युद्ध और एलपीजी संकट के बीच देश में दोबारा लॉकडाउन की चर्चाएं तेज, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अफवाहों को सिरे से नकारा

इजरायल-ईरान युद्ध और एलपीजी संकट के बीच देश में दोबारा लॉकडाउन की चर्चाएं तेज, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अफवाहों को सिरे से नकारा

नई दिल्ली, 28 मार्च । केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज देशव्यापी लॉकडाउन की खबरों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास फिलहाल लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को देखते हुए जनता में डर का माहौल था। मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रीयल-टाइम मॉनिटरिंग कर रही है, इसलिए नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

दरअसल, वैश्विक स्तर पर तेल और एलपीजी (LPG) की किल्लत को लेकर सरकार द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘तैयारी’ और ‘सतर्कता’ जैसे शब्दों का सोशल मीडिया पर गलत अर्थ निकाला गया। कुछ उपद्रवी तत्वों ने इसे वर्ष 2020 के कोविड-19 लॉकडाउन की यादों से जोड़कर भ्रम फैला दिया। प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में वैश्विक आर्थिक झटकों से निपटने के लिए प्रशासनिक “तैयारी” का जिक्र किया था, जिसे जनता ने आवाजाही पर प्रतिबंध मान लिया। सरकार ने साफ किया है कि यह तैयारी केवल प्रशासनिक स्तर पर आकस्मिक योजना बनाने (Contingency Planning) के लिए है, न कि आम जनता के जीवन पर किसी तरह की पाबंदी लगाने के लिए।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे दहशत का माहौल बनाने वाली खबरों से बचें और केवल प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) या आधिकारिक सरकारी चैनलों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें। हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की अस्थिरता के बावजूद भारत का सप्लाई चेन मैनेजमेंट पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने चेतावनी दी कि संकट के समय में अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक कृत्य है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए जा रहे हैं।

सियासी मियार की रीपोर्ट