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इजरायल-हिजबुल्ला संघर्ष से भारतीय शेयर बाजार में मची हाहाकार

इजरायल-हिजबुल्ला संघर्ष से भारतीय शेयर बाजार में मची हाहाकार

सेंसेक्स 560 अंक लुढ़का और निफ्टी में बड़ी गिरावट
-कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता

मुंबई, 09 अप्रैल । भारतीय शेयर बाजार में बुधवार की बढ़त के बाद गुरुवार को एक बार फिर मायूसी छा गई है। भू-राजनीतिक तनाव की नई खबरों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया, जिससे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स लगभग 560 अंक या 0.72% गिरकर 77,003 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 182 अंक की गिरावट के साथ 23,815 के स्तर पर फिसल गया। बाजार में इस गिरावट से निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए हैं।

बाजार में आई इस गिरावट का सबसे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में इजरायल और हिजबुल्ला के बीच बढ़ता संघर्ष है। लेबनान में जारी हमलों के बाद निवेशकों को डर है कि ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में आपूर्ति बाधित हो सकती है, जो वैश्विक तेल व्यापार के लिए जीवनरेखा माना जाता है। इस युद्ध की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है और ब्रेंट क्रूड 3.31% बढ़कर 97.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। चूंकि भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल में उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है।

आज के कारोबार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर दबाव में नजर आ रहे हैं, जिनमें आईटी, रियल्टी, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है। निफ्टी के टॉप लूजर्स में इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज शेयर शामिल हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए व्यापारियों को बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे ऊंचे स्तरों पर आक्रामक खरीदारी करने से बचें और बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करें। फिलहाल विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया है।

सियासी मियार की रीपोर्ट