यौन उत्पीड़न मामले में फंसे मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत को कोर्ट से मिली बड़ी राहत

कोच्चि, यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे प्रसिद्ध मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत को शुक्रवार को कोच्चि की एक अदालत ने जमानत दे दी है। न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट एल उषा ने रंजीत को राहत देते हुए कई कड़ी शर्तें लागू की हैं। अदालत ने आदेश दिया है कि निर्देशक को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वे बिना अनुमति के एर्नाकुलम जिले की सीमा से बाहर नहीं जा सकेंगे। इसके अलावा, उन्हें फोर्ट कोच्चि स्थित उस स्थान पर जाने से भी प्रतिबंधित किया गया है, जहां कथित तौर पर घटना घटित हुई थी। रंजीत को 1 लाख रुपये का बॉन्ड भरने और इतनी ही राशि के दो सक्षम जमानतदार पेश करने के बाद रिहा किया जाएगा।
अदालत ने जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए रंजीत को अगले तीन महीनों तक या मामले में चार्जशीट दाखिल होने तक हर सोमवार को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। वर्तमान में एर्नाकुलम उप-जेल में बंद निर्देशक को औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। बचाव पक्ष के वकील ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति और जांच में अब तक के सहयोग का हवाला देते हुए जमानत की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने यह दावा करते हुए जमानत का विरोध किया था कि आरोपी ने जांच में पूर्ण सहयोग नहीं किया है।
फिल्म निर्देशक रंजीत को 31 मार्च को थोडुपुझा से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी एक अभिनेत्री द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि फोर्ट कोच्चि में फिल्म की शूटिंग के दौरान रंजीत ने एक वैन के भीतर उनका यौन उत्पीड़न किया था। पुलिस इस मामले में पहले ही रंजीत से हिरासत में पूछताछ कर चुकी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में हलचल पैदा कर दी है। अब जमानत मिलने के बाद निर्देशक को कानूनी लड़ाई का सामना करना होगा, जबकि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर साक्ष्य जुटाने में लगी है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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