महिला आरक्षण बिल गिरने पर भड़का एनडीए: विपक्ष को घेरने के लिए देशभर में शुरू होगा बड़ा जन-आंदोलन
-जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर भाजपा बेनकाब करेगी विपक्षी चेहरा

नई दिल्ली, 18 अप्रैल । लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा ‘संविधान (131वाँ संशोधन) विधेयक, 2026’ गिरने के बाद भारतीय जनता पार्टी और एनडीए सहयोगियों ने विपक्ष के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। सरकार को सदन में साधारण बहुमत तो मिला, लेकिन संवैधानिक संशोधन के लिए अनिवार्य दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण बिल पास नहीं हो सका। इसके विरोध में भाजपा ने अपनी सभी राज्य इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं कि देश के हर जिला मुख्यालय पर समन्वित प्रदर्शन कर विपक्ष की ‘नारी विरोधी’ मानसिकता को उजागर किया जाए। पार्टी का लक्ष्य इस विधाई विफलता को सीधे जनता के बीच ले जाकर विपक्षी दलों को घेरना है।
एनडीए ने इस अभियान में भाजपा महिला मोर्चा को अग्रिम पंक्ति में रखा है, जो घर-घर जाकर महिलाओं को विधेयक के लाभ और विपक्ष द्वारा डाली गई बाधाओं के बारे में जागरूक करेगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण एक प्रमुख चुनावी हथियार होगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वह 2029 तक हर हाल में आरक्षण लागू करने के प्रति प्रतिबद्ध है। इस आंदोलन के जरिए भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि जहाँ मोदी सरकार महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में देखना चाहती है, वहीं विपक्ष रूढ़िवादी राजनीति के चलते इसे रोक रहा है।
शुक्रवार को लोकसभा में हुए मतदान के दौरान स्थिति बेहद नाटकीय रही। बिल के पक्ष में 298 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि विपक्ष के 230 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट डाला। हालांकि बहुमत सरकार के पास था, लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक जादुई आंकड़े तक न पहुँच पाने के कारण स्पीकर ओम बिरला ने बिल के गिरने की घोषणा की। इस विधाई हार को भाजपा ने एक बड़े अवसर में बदलते हुए सड़क पर उतरने का फैसला किया है। सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक चलने वाले इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य जोर लैंगिक समानता और विधाई निकायों में महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने पर होगा।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal