खलनायक 2 के बाद अब ताल 2 की स्क्रिप्ट भी तैयार

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अभिनीत ब्लॉकबस्टर फिल्म खलनायक के सीक्वल खलनायक 2 को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, वहीं अब साल 1999 की म्यूजिकल सुपरहिट फिल्म ताल के सीक्वल को लेकर भी बड़ा अपडेट मिला है। हाल ही में फिल्म के दिग्गज निर्देशक सुभाष घई ने पुष्टि की है कि ताल 2 की स्क्रिप्ट लगभग तैयार है और इस परियोजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
यह खबर सिर्फ पुराने फैंस के लिए ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी (जेन-जी) के दर्शकों के लिए भी उत्सुकता का विषय बन गई है, जो इस क्लासिक को फिर से बड़े पर्दे पर देखने की मांग कर रहे हैं। साल 1999 में रिलीज हुई ताल हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में से एक है, जिसने संगीत, रोमांस और विजुअल स्टाइल के मामले में एक नया मानक स्थापित किया था। सुभाष घई के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन, अक्षय खन्ना और अनिल कपूर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं, और इसका संगीत आज भी लोगों की जुबान पर है।
हाल ही में फिल्ममेकर सुभाष घई ने बताया कि पिछले 15 सालों से उनसे ताल के सीक्वल को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ताल की ऊर्जा आज भी इतनी मजबूत है कि युवा दर्शक भी इसे पसंद करते हैं और इसके नए भाग की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, सुभाष घई ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म का विषय जितना आसान लगता है, उसे सिनेमाई पर्दे पर उतारना उतना ही मुश्किल है।
उनका मानना है कि ताल 2 बनाने के लिए प्योरिटी यानी शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण शर्त है, जो पहली फिल्म की आत्मा थी। सुभाष घई ने पहली फिल्म की सफलता का एक बड़ा कारण उसकी सादगी और फ्रेशनेस को बताया। उस समय ऐश्वर्या राय बच्चन और अक्षय खन्ना इंडस्ट्री में अपेक्षाकृत नए चेहरे थे, जिनकी वजह से उनके किरदारों में एक मासूमियत और ताजगी दिखाई दी। वहीं, अनिल कपूर पहले से ही एक स्थापित स्टार थे और फिल्म में उनका वही स्टारडम दिखाया गया था, जो कहानी के लिए बिल्कुल उपयुक्त था। सुभाष घई ने कास्टिंग को लेकर भी एक अहम बात कही।
उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी कुछ फिल्में जो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं, उसका एक बड़ा कारण गलत कास्टिंग रही थी। ऐसे में ताल 2 के लिए सही कलाकारों का चयन करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी, जो कहानी के किरदारों में जान फूंक सकें। उन्होंने कहा कि किरदारों की मांग के अनुसार नए चेहरों को चुना जाएगा, ताकि कहानी में वही ताजगी बनी रहे जो पहली फिल्म की पहचान थी। कुछ दिनों पहले सुभाष घई ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा था – शांति या जुनून? लौकिक या कॉस्मेटिक? आंतरिक या बाहरी? क्या हम आज ताल 2 बना सकते हैं? यह सवाल मेरे मन में है। उन्होंने यह भी जिक्र किया था कि ताल एक ऐसी फिल्म थी, जिसमें न कोई विलेन था, न ही को
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