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ओपेक से यूएई के अलग होने के फैसले का डोनाल्ड ट्रंप ने किया जोरदार स्वागत: बोले— इससे गिरेंगी तेल और गैस की कीमतें, वैश्विक बाजार में मचेगी बड़ी हलचल

ओपेक से यूएई के अलग होने के फैसले का डोनाल्ड ट्रंप ने किया जोरदार स्वागत: बोले— इससे गिरेंगी तेल और गैस की कीमतें, वैश्विक बाजार में मचेगी बड़ी हलचल

वाशिंगटन, 30 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ‘ओपेक’ से बाहर निकलने के संयुक्त अरब अमीरात के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है। ट्रंप ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की तारीफ करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी नेता बताया। ट्रंप का मानना है कि इस कदम से तेल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यूएई का यह फैसला अमेरिकी उपभोक्ताओं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरा साबित हो सकता है, क्योंकि ओपेक के नियंत्रण से बाहर होने पर यूएई अपनी मर्जी से उत्पादन बढ़ा सकेगा।

यूएई के ओपेक छोड़ने के फैसले ने दुनिया भर के ऊर्जा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। एएसके (ASK) वेल्थ एडवाइजर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि इस फैसले का कीमतों पर तुरंत असर पड़ना निश्चित नहीं है, लेकिन इससे भविष्य में तेल की सप्लाई को लेकर तालमेल कमजोर होगा। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच यूएई का यह कदम ट्रेडिंग रेंज को और अधिक अस्थिर बना सकता है। ओपेक प्लस के अंदर समन्वय की कमी से ‘कार्टेल प्रीमियम’ कम हो सकता है, जिससे कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

दूसरी ओर, जाने-माने अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स ने इस बदलाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँचती कीमतों के बीच यूएई का अलग होना एक ‘रणनीतिक गलती’ साबित हो सकती है। सैक्स के अनुसार, तेल और गैस की सप्लाई में लगातार आ रही रुकावटें वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक भयानक संकट और बड़े पैमाने पर अस्थिरता की ओर धकेल सकती हैं। उन्होंने जोर दिया कि फॉसिल फ्यूल से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ते वैश्विक बदलाव के इस दौर में समन्वित सप्लाई मैनेजमेंट बेहद जरूरी है।

सियासी मियार की रीपोर्ट