8वें वेतन आयोग और पेंशन नीति पर जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान; केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकती है हाइब्रिड मॉडल की सौगात

हैदराबाद, 07 जून। देशभर के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की नजरें अब 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं। पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग जल्द ही अपनी सिफारिशें सौंप सकता है। लंबे समय से चल रही यह प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है, जिससे कर्मचारियों के वेतन और पेंशन ढांचे में बड़े बदलाव की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
कर्मचारी संगठन लगातार पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि नई पेंशन योजना बुढ़ापे के लिए सुरक्षित नहीं है। जहाँ ओपीएस में अंतिम वेतन का 50% पेंशन और महंगाई भत्ते का लाभ मिलता था, वहीं एनपीएस बाजार आधारित होने के कारण अनिश्चित है। हालांकि, सरकार के लिए 16.5 लाख करोड़ के एनपीएस फंड को अचानक बंद करना आर्थिक रूप से एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
हाइब्रिड मॉडल की मिल सकती है राहत
वेतन आयोग के विशेषज्ञ वर्तमान में एक बीच का रास्ता तलाश रहे हैं ताकि कर्मचारियों के हितों और देश की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बना रहे। संभावना है कि सरकार पूर्ण ओपीएस के बजाय ‘हाइब्रिड मॉडल’ या ‘न्यूनतम गारंटीड पेंशन’ का विकल्प चुन सकती है। इससे कर्मचारियों को बाजार के जोखिम से सुरक्षा मिलेगी और उन्हें एक सम्मानजनक तथा निश्चित मासिक पेंशन की गारंटी मिल सकेगी।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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