एआईसी ने तकनीक और एआई के दम पर सुधारी फसल बीमा प्रणाली, रिकॉर्ड दावों का किया निपटान

नई दिल्ली, भारत की प्रमुख और सबसे बड़ी फसल बीमा कंपनी AIC ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी ने इस दौरान मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर कार्यकुशलता तथा देशभर के करोड़ों किसानों की आजीविका की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की सॉल्वेंसी मार्जिन 4.42 दर्ज किया गया है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
कंपनी ने ₹10,279 करोड़ का सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम (जीडीपी) अर्जित किया तथा देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 6.40 करोड़ से अधिक बीमा पॉलिसियां जारी कीं। इनमें से 4.5 करोड़ से अधिक पॉलिसि “मेरी पॉलिसी मेरे हाथ (एमपीएमएच)” पहल के तहत किसानों को भौतिक रूप से वितरित की गईं।
वर्ष के दौरान कंपनी ने ₹9,571 करोड़ के दावों का निपटान किया, जिससे 1.75 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला । 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ बढ़कर ₹9,165 करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग ₹885 करोड़ अधिक है। यह कंपनी की निरंतर प्रगति और वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
कार्य निष्पादन
- नेट रिटेंशन अनुपात: 59.33% (पिछले वर्ष 49.82%)
- प्रबंधन व्यय का सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम से अनुपात: 5.01%
- निवेश आय अनुपात: 6.48%
तकनीकी उपलब्धियां
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान AIC ने उन्नत डेटा विश्लेषण, जियोस्पेशियल तकनीक, सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित उपकरणों का उपयोग करके अपने तकनीक-सक्षम बीमा तंत्र को और मजबूत किया। इन पहलों से कार्यकुशलता में सुधार, पारदर्शिता में वृद्धि और बीमा सेवाओं की डिलीवरी को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिली।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal