सरकार ने सैलरी, पेंशन, DA से जुड़ा नया नियम किया जारी, समझें क्या होगा बदलाव

नई दिल्ली, सरकार ने पेंशन, सैलरी, एलटीसी सहित अन्य खर्च के लिए नए नियमों का ऐलान कर दिया है। 9 जून 2026 को व्यव विभाग ने DFPR के नियमों में संशोधन किया है। अब यह संशोधित लिस्ट ‘ऑब्जेक्ट हेड्स’ के नाम से जान जाएगा। बता दें, नया नियम वित्त वर्ष 2027-28 से प्रभावी रहेगा।
ध्यान रहे कि इस बदलाव का कोई भी असर आपकी सैलरी, पेशन, भत्ता या ग्रेजुएटी पर नहीं पड़ेगा।
सैलरी और भत्ते को मिलेगा नाम
संशोधित फ्रेम वर्क के अनुसार अब कर्मचारियों से जुड़े भत्तों को एक अलग कैटगरी में रखा जाएगा। जैसे की सैलरी, भत्ता, मेडिकल ट्रीटमेंट और एलटीसी आदि। इस नियम के अनुसार अब भत्ते का एक विस्तृत परिभाषा दी जाएगी। डीए, एचआरए, ट्रांसपोर्ट भत्ता, विदेशी भत्ता, बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा भत्ता सहित अन्य सभी फायदे जो सरकारी कर्मचारियों को बेसिक पे के साथ मिलते हैं।
पेंशन को अलग श्रेणी में रखा जाएगा
नए संशोधित नियमों के अनुसार पेंशन से जुड़े खर्च को अलग कैटगरी में रखा जाएगा। इस ऑर्डर के अनुसार ‘Pensionary Charges’में अब पेंशन पेमेंट्स, ग्रेजुएटी, प्रोविडेंट फंड योगदान और लीव इनकैशमेंट से जुड़ा भुगतान शामिल रहेगा।
ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें एनपीएस और यूपीएस भी कैटगरी में शामिल रहेगा। बता दें, इस प्रक्रिया के जरिए अब पॉलिसी मेकर्स और एनालिस्ट्स को पेंशन से जुड़े खर्च को ट्रैक करना अधिक सरल रहेगा।
यात्रा पर होने वाला खर्च
भारत के अंदर आधिकारिक खर्च को अब घरेलू ट्रैवेल एक्सपेंस कहा जाएगा। वहीं, विदेशों में ट्रैवेल के खर्च को अब फॉरेन ट्रैवेल एक्सपेंस कहा जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान किया गया खर्च फीस कैटगरी में आएगा।
नए संशोधित फ्रेमवर्क की वजह से डोमेस्टिक ट्रैवेल, फॉरेन ट्रैवेल और ट्रेनिंग से जुड़े खर्च को अलग कैटगरी में डाला जाएगा। वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस आदेश का मकदस केंद्र और राज्य सरकारों के बीच के खर्च में एकरुपता लाना है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal