अमेरिका के एक अदालत ने बिना कतर-ब्योंत के अतिरिक्त एप्सटीन फाइल जारी करने का आदेश दिया

वाशिंगटन, न्यायालय ने अमेरिकी न्याय विभाग (डीओयू) को यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े अतिरिक्त रिकॉर्ड को बिना कतर-ब्योंत के जारी करने का आदेश दिया है या फिर दो जुलाई तक यह स्पष्ट करने को कहा है कि इन सामग्रियों को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा सकता।
अमेरिकी जिला न्यायाधीश एमेट सुलिवन ने गुरुवार को मीडिया कानूनी विश्लेषक केटी फैंग द्वारा दायर एक मुकदमे में प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी करते हुए न्याय विभाग को दो जुलाई तक इसका पालन करने का निर्देश दिया।
श्री फैंग ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच के नेतृत्व में न्याय विभाग ने गलत तरीके से अतिरिक्त रिकॉर्ड छिपाए या उनमें भारी कतर-ब्योंत की, जिन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए था।
अपने फैसले में न्यायाधीश सुलिवन ने उल्लेख किया कि श्री फैंग ने आरोप लगाया है कि न्याय विभाग ने एक ‘प्रताड़ना वीडियो’ और नाबालिगों सहित युवतियों से जुड़ी कथित यौन गतिविधि के संबंध में एपस्टीन के साथ ‘कम से कम आठ ईमेल’ में भेजने वालों और प्राप्त करने वालों के नाम छिपा दिए थे।
मुकदमे में दावा किया गया है कि न्याय विभाग ने एक आरोप पत्र के मसौदे से कथित सह-आरोपियों और ‘सह-साजिशकर्ताओं’ के रूप में पहचाने गए व्यक्तियों के नाम हटा दिए थे। इसके अलावा, श्री फैंग ने दावा किया कि न्याय विभाग ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उल्लेख करने वाले 36 रिकॉर्ड छिपाकर रखे हैं, जिसमें एक महिला के एफबीआई इंटरव्यू के नोट्स भी शामिल हैं। उस महिला का दावा है कि एपस्टीन ने 1980 के दशक में उसकी मुलाकात श्री ट्रंप से कराई थी, जब वह लगभग 13 वर्ष की थी। उसने आरोप लगाया कि ट्रंप ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था।
श्री ट्रंप ने एपस्टीन से जुड़ी किसी भी गलत गतिविधि से इनकार किया है और इन आरोपों के संबंध में उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है।
न्याय विभाग ने इस महीने की शुरुआत में अदालत में दलील दी थी कि श्री फैंग के पास मुकदमा दायर करने का अधिकार नहीं है क्योंकि उन्हें इन रिकॉर्ड्स के लिए ‘सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम’ (एफओआईए) के तहत प्रयास करना चाहिए था। हालांकि, श्री फैंग की कानूनी टीम ने कहा कि एपस्टीन फाइलों की मांग करने वाले पिछले एफओआईए अनुरोधों को पहले ही खारिज कर दिया गया था। गुरुवार के फैसले के बाद न्याय विभाग ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की है।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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