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सीजेपी प्रोटेस्ट से बैकफुट पर आई सरकार! सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह

सीजेपी प्रोटेस्ट से बैकफुट पर आई सरकार! सोनम वांगचुक से मिले जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, । पेपर लीक मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बढ़ते ही जा रहा है। इसे देख सरकार भी नींद से जाग गई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली, जो डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में अस्पताल के आईसीयू 8 में भर्ती हैं। इस बीच कयास लगाए जा रहे है कि मंत्री सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की बात कर सकते है। वहीं सोनम वांगचुक की 3 शर्तों पर भी बातचीत संभव है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा RML अस्पताल पहुंचे थे। यहां उन्होंने CJP के विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए और यहां भर्ती लोगों से मुलाकात की थी और उनका हालचाल जाना था।

पीएम मोदी ने तोड़ी चुप्पी
इससे पहले नीट यूजी 2026 के 3 मई को हुए पेपर लीक के 78 दिन बाद आखिरकार पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ दी। उनकी यह खामोशी तब टूटी जब राजधानी दिल्ली समेत समूचे पूरे देश में छात्रों का गुस्सा उबाल पर है। 20 छात्रों की आत्महत्या के बाद सरकार द्वारा दोषियों पर कोई एक्शन नहीं लेने के कारण सोमवार को जब छात्रों ने आंदोलन किया तो उन पर भी पुलिसिया लाठीचार्ज ने गुस्से की आग में घी का काम कर दिया।

पीएम मोदी ने पेपर लीक को बताया घोर पाप
चारों ओर से घिरती अपनी सरकार की हालत देखते हुए आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय दल की बैठक में नीट पेपर लीक पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया गया। पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा भी कराई गई। प्रधानमंत्री ने इस पूरे मामले को ‘घोर पाप’ बताया और कहा कि सभी राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा ताकि आगे कभी पेपर लीक जैसी घटना न हो।

निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा करवाना राष्ट्रीय जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे। निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा करवाना राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला हल्के में नहीं लिया जा सकता।

सियासी मियार की रीपोर्ट