आरएएफ फेयरफोर्ड मामला: अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो का दावा, ‘विदेशी ताकत का हाथ’

वाशिंगटन, 29 सितंबर । अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ब्रिटेन के आरएएफ एयरबेस के पास सामने आए संदिग्ध बम साजिश मामले में “स्पष्ट रूप से किसी विदेशी ताकत का हाथ” होने का दावा किया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह विदेशी पक्ष कौन है और अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत भी पेश नहीं किया।
रूबियो ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में इसे बेहद गंभीर मामला बताया। उनका कहना था कि इस घटना से जुड़ी और जानकारी आने वाले दिनों में सामने आएगी। उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों की कार्रवाई की भी सराहना की।
यूके काउंटर टेररिज्म पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया कि मामले में पांच ब्रिटिश नागरिकों को रविवार तड़के आरएएफ फेयरफोर्ड के पास गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को तीन संदिग्ध सफेद वैन के एयरबेस की ओर जाने की सूचना मिली थी। पांचों की उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है और वे लंदन क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्हें एक्सप्लोसिव एक्ट और आतंकवादी गतिविधि की तैयारी के संदेह में हिरासत में लिया गया था।
हालांकि सोमवार को पांचों को कड़ी शर्तों के साथ पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया। ब्रिटेन की यूके काउंटर टेररिज्म पुलिस ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब जांच खत्म होना नहीं है। जांचकर्ता इस संभावना समेत कई पहलुओं पर विचार कर रहे हैं कि आरोपी किसी विदेशी राज्य के लिए सीधे या अनजाने में काम करने वाले प्रॉक्सी हो सकते हैं।
इस मामले में ईरान का नाम जांच के एक संभावित एंगल के तौर पर सामने आया है, क्योंकि आरएएफ फेयरफोर्ड का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए हुआ है और ईरान ने पहले इस तरह के अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है। लेकिन ब्रिटिश जांच एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। ईरान ने भी मामले में किसी भूमिका से इनकार किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि यह मामला ईरान से जुड़ा हो सकता है, लेकिन उन्होंने इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने संदिग्धों को जमानत पर छोड़े जाने पर आश्चर्य जताया।
सियासी मियार की रीपोर्ट
Siyasi Miyar | News & information Portal Latest News & Information Portal