ईरान संघर्ष विराम के लिए कूटनीतिक प्रयास दोगुने करेगा ब्रिटेन : विदेश मंत्री मिलिबैंड

लंदन, ब्रिटेन ने ईरान संघर्ष विराम के लिए अपने कूटनीतिक प्रयासों को और तेज करने का फैसला किया है। ब्रिटिश विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा है कि संघर्ष के कारण देश में ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे महंगाई और आम लोगों के जीवन-यापन का संकट गहरा रहा है।
मिलिबैंड ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो जारी कर अपना मत प्रकट किया। उन्होंने कहा, “ब्रिटेन में लोगों के सामने इस समय जीवन-यापन की बढ़ती लागत सबसे बड़ी समस्या है। सरकार इस बात से अवगत है कि ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा बिल, खाद्य पदार्थों के बिल और महंगाई बढ़ रही है। विदेश मंत्री के रूप में उनकी जिम्मेदारी संघर्ष को समाप्त कराने के लिए हर संभव प्रयास करना है। यह युद्ध बहुत लंबा खिंच चुका है और इससे ब्रिटेन के लोगों को काफी नुकसान हुआ है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम इसे और ज्यादा समय तक जारी रहने का खर्च नहीं उठा सकते।” उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से वह इस्तांबुल में यूरोप और मध्य पूर्व के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस पहल का लक्ष्य संघर्ष को हमेशा के लिए समाप्त कराना और ब्रिटेन के परिवारों को आर्थिक दबाव से राहत दिलाना है।
ब्रिटेन की यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब ईरान युद्ध के आर्थिक प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन, उत्पादन और घरेलू खर्चों पर पड़ सकता है। खाद्य पदार्थों और दूसरी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से परिवारों के बजट पर भी दबाव बढ़ता है।
मिलिबैंड ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन कूटनीतिक रास्ते से संघर्ष समाप्त कराने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना कर रहा है। हालांकि, उनके बयान में इस्तांबुल में हो रही बातचीत के किसी ठोस नतीजे या युद्ध समाप्त करने के लिए तय समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया।
सियासी मियार की रीपोर्ट
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