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टीएमसी की विभाजनकारी सियासत से बिगड़ी पश्चिम बंगाल की सामाजिक व्यवस्था : समिक भट्टाचार्य

कोलकाता, 26 मार्च पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने एआईएमआईएम और एजेयूपी के बीच बने गठबंधन पर निशाना साधा है।

समिक भट्टाचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा, “असदुद्दीन ओवैसी पश्चिम बंगाल क्यों आ रहे हैं? इसका कारण क्या है? इसका सीधा जवाब है टीएमसी और उसकी विभाजन की राजनीति।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और इसके लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता तय करेगी कि राम के साथ रहना है या बाबर के साथ। असलियत यह है कि जो हुमायूं है वही टीएमसी है और टीएमसी ही हुमायूं कबीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक ‘प्लान बी’ बनाया गया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार का चुनाव ‘ममता बनाम जनता’ के आधार पर लड़ा जा रहा है। टीएमसी ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे के खिलाफ जाकर अब आम जनता के खिलाफ चुनाव लड़ रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता ने मन बना लिया है कि इस बार किसी भी हालत में टीएमसी से छुटकारा पाना है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) मिलकर चुनाव लड़ रही हैं।

राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है। पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

पिछली बार के मुकाबले इस बार चुनावी प्रक्रिया को आसान बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान के चरणों की संख्या 8 से घटाकर सिर्फ दो कर दी गई है।

टीएमसी की विभाजनकारी सियासत से बिगड़ी पश्चिम बंगाल की सामाजिक व्यवस्था : समिक भट्टाचार्य

कोलकाता, 25 मार्च (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने एआईएमआईएम और एजेयूपी के बीच बने गठबंधन पर निशाना साधा है।

समिक भट्टाचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा, “असदुद्दीन ओवैसी पश्चिम बंगाल क्यों आ रहे हैं? इसका कारण क्या है? इसका सीधा जवाब है टीएमसी और उसकी विभाजन की राजनीति।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सामाजिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और इसके लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता तय करेगी कि राम के साथ रहना है या बाबर के साथ। असलियत यह है कि जो हुमायूं है वही टीएमसी है और टीएमसी ही हुमायूं कबीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक ‘प्लान बी’ बनाया गया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बार का चुनाव ‘ममता बनाम जनता’ के आधार पर लड़ा जा रहा है। टीएमसी ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे के खिलाफ जाकर अब आम जनता के खिलाफ चुनाव लड़ रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता ने मन बना लिया है कि इस बार किसी भी हालत में टीएमसी से छुटकारा पाना है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) मिलकर चुनाव लड़ रही हैं।

राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है। पहला चरण 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 142 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

पिछली बार के मुकाबले इस बार चुनावी प्रक्रिया को आसान बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान के चरणों की संख्या 8 से घटाकर सिर्फ दो कर दी गई है।

सियासी मियार की रीपोर्ट